📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
नौकरी
Rs 50 से फ़ोर्ट्यूनर तक: कर्नाटक के सेसप्पा ने बदली अपनी ज़िन्दगी
✍️ News18
🗓 24 अग. 2026, 10:48 AM
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कर्नाटक में पहले केवल Rs 50 प्रतिदिन कमाने वाले सफाईकर्मी सेसप्पा अब फ़ोर्ट्यूनर में सड़कों की सफाई करते हुए अपनी आय में उल्लेखनीय सुधार दिखा रहे हैं।
कर्नाटक के निवासी सेसप्पा कई वर्षों से नगरपालिका की सड़कों की सफाई करते हुए केवल लगभग Rs 50 प्रतिदिन कमाते थे। समय के साथ उन्होंने एक टॉयोटा फ़ोर्ट्यूनर हासिल किया, जो आम सफाईकर्मियों की साधारण आय से बहुत आगे का वाहन है।
अब फ़ोर्ट्यूनर उनका मोबाइल बेस बन गया है; वह इस वाहन से बड़े क्षेत्रों में सफाई कर सकते हैं और काम को अधिक कुशलता से पूरा कर सकते हैं। इस बदलाव ने न केवल उनकी दैनिक आय बढ़ाई है, बल्कि सहकर्मियों के बीच उनका सम्मान भी बढ़ा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि सेसप्पा की कहानी इस बात को उजागर करती है कि जब अनौपचारिक श्रमिकों को बेहतर उपकरण और परिवहन मिल जाता है, तो आर्थिक उन्नति संभव है। यह व्यक्तिगत दृढ़ता और एक साधारण संपत्ति के प्रभाव का उदाहरण बन गया है।
वित्तीय सहायता या किसी सरकारी योजना के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के बावजूद, सेसप्पा का अनुभव दर्शाता है कि एक ही साधन कैसे भारत में कम आय वाले श्रमिक की आर्थिक दिशा बदल सकता है।
अब फ़ोर्ट्यूनर उनका मोबाइल बेस बन गया है; वह इस वाहन से बड़े क्षेत्रों में सफाई कर सकते हैं और काम को अधिक कुशलता से पूरा कर सकते हैं। इस बदलाव ने न केवल उनकी दैनिक आय बढ़ाई है, बल्कि सहकर्मियों के बीच उनका सम्मान भी बढ़ा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि सेसप्पा की कहानी इस बात को उजागर करती है कि जब अनौपचारिक श्रमिकों को बेहतर उपकरण और परिवहन मिल जाता है, तो आर्थिक उन्नति संभव है। यह व्यक्तिगत दृढ़ता और एक साधारण संपत्ति के प्रभाव का उदाहरण बन गया है।
वित्तीय सहायता या किसी सरकारी योजना के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के बावजूद, सेसप्पा का अनुभव दर्शाता है कि एक ही साधन कैसे भारत में कम आय वाले श्रमिक की आर्थिक दिशा बदल सकता है।