📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wasim Raja
कृषि
जहरीखण्ड के मजदूर से 60 लाख कमाने वाले किसान प्रशिक्षक, 15,000 किसानों को सशक्त
✍️ NDTV Profit
🗓 23 अक्टू. 2026, 04:17 AM
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जहरीखण्ड के एक पूर्व दैनिक मज़दूर ने अब सालाना लगभग 60 लाख रुपये कमाए हैं और 15,000 से अधिक किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों से प्रशिक्षित किया है।
जहरीखण्ड के एक व्यक्ति, जो पहले दैनिक मज़दूर के रूप में काम करते थे, ने अपनी आय को लगभग 60 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक बढ़ा लिया है। यह आर्थिक परिवर्तन राज्य में काफी चर्चा का विषय बन गया है।
अपनी कमाई को उपयोग में लाते हुए उन्होंने किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया, जिसमें अब तक 15,000 से अधिक छोटे किसान शामिल हो चुके हैं। इन कार्यशालाओं में किफ़ायती तकनीक, बेहतर बीज और बाजार तक पहुँच के उपाय सिखाए जाते हैं।
एनडीटीवी प्रॉफिट ने इस पहल को उजागर किया है, और कई जिलों में फसल उत्पादन व आय में सुधार की रिपोर्टें मिली हैं। व्यक्तिगत सफलता को सामुदायिक ज्ञान में बदलकर यह प्रशिक्षक ग्रामीण विकास का एक उदाहरण पेश कर रहे हैं।
स्थानीय कृषि अधिकारी इस प्रशिक्षक के प्रभाव को मान्यता देते हैं, क्योंकि वह सरकारी योजनाओं पर निर्भर हुए बिना बड़े पैमाने पर किसानों को जोड़ने में सक्षम हैं। उनका मॉडल अन्य क्षेत्रों में भी लागू हो सकता है।
आगे के लक्ष्य के तहत वह अगले साल में अतिरिक्त 10,000 किसानों तक पहुंचने की योजना बना रहे हैं, जिससे कौशल विकास और सतत कृषि आय के बीच का संबंध और मजबूत होगा।
अपनी कमाई को उपयोग में लाते हुए उन्होंने किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया, जिसमें अब तक 15,000 से अधिक छोटे किसान शामिल हो चुके हैं। इन कार्यशालाओं में किफ़ायती तकनीक, बेहतर बीज और बाजार तक पहुँच के उपाय सिखाए जाते हैं।
एनडीटीवी प्रॉफिट ने इस पहल को उजागर किया है, और कई जिलों में फसल उत्पादन व आय में सुधार की रिपोर्टें मिली हैं। व्यक्तिगत सफलता को सामुदायिक ज्ञान में बदलकर यह प्रशिक्षक ग्रामीण विकास का एक उदाहरण पेश कर रहे हैं।
स्थानीय कृषि अधिकारी इस प्रशिक्षक के प्रभाव को मान्यता देते हैं, क्योंकि वह सरकारी योजनाओं पर निर्भर हुए बिना बड़े पैमाने पर किसानों को जोड़ने में सक्षम हैं। उनका मॉडल अन्य क्षेत्रों में भी लागू हो सकता है।
आगे के लक्ष्य के तहत वह अगले साल में अतिरिक्त 10,000 किसानों तक पहुंचने की योजना बना रहे हैं, जिससे कौशल विकास और सतत कृषि आय के बीच का संबंध और मजबूत होगा।