📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
विदेश
चार विदेशियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नई दिल्ली में शपथपत्र सौंपे
✍️ Odisha Diary
🗓 08 नव. 2026, 07:05 AM
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चार देशों के राजदूत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति भवन में शपथपत्र सौंपे, जिससे भारत में उनके कूटनीतिक कार्य प्रारम्भ हुए।
नई दिल्ली, 8 नवंबर (ओड) – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन के मुख्य हॉल में चार देशों के राजदूतों से शपथपत्र प्राप्त किए। राजदूतों को राष्ट्रपति और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने औपचारिक रूप से परिचित कराया।
शपथपत्र प्रस्तुति समारोह भारतीय संविधान के तहत अनिवार्य है, जिससे ये राजदूत अपने‑अपने देशों के आधिकारिक कूटनीतिक प्रतिनिधि के रूप में मान्यता प्राप्त करते हैं। इस प्रक्रिया के बाद वे अपने‑अपने राजनयिक एजेंडा प्रस्तुत करेंगे और व्यापार, निवेश, सांस्कृतिक एवं सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ तलाशेंगे।
इस कार्यक्रम में विदेश सचिव तथा भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिससे भारत के इन देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को महत्व दिया गया। राष्ट्रपति ने राजदूतों का स्वागत किया और पारस्परिक सहयोग तथा क्षेत्रीय स्थिरता को सुदृढ़ करने की आशा व्यक्त की।
स्रोत में देशों के नाम नहीं बताए गए हैं, परन्तु इन चार देशों की भारतीय मंत्रालयों के साथ निकट भविष्य में समझौते और संयुक्त पहलें तय करने की संभावना है, जो भारत की व्यापक विदेश नीति के अनुरूप है।
समारोह के अंत में एक औपचारिक स्वागत समारोह हुआ, जहाँ उपस्थित प्रतिनिधियों ने भारतीय अधिकारियों और अन्य कूटनीतिक समुदाय के सदस्यों के साथ अनौपचारिक बातचीत की।
शपथपत्र प्रस्तुति समारोह भारतीय संविधान के तहत अनिवार्य है, जिससे ये राजदूत अपने‑अपने देशों के आधिकारिक कूटनीतिक प्रतिनिधि के रूप में मान्यता प्राप्त करते हैं। इस प्रक्रिया के बाद वे अपने‑अपने राजनयिक एजेंडा प्रस्तुत करेंगे और व्यापार, निवेश, सांस्कृतिक एवं सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ तलाशेंगे।
इस कार्यक्रम में विदेश सचिव तथा भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिससे भारत के इन देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को महत्व दिया गया। राष्ट्रपति ने राजदूतों का स्वागत किया और पारस्परिक सहयोग तथा क्षेत्रीय स्थिरता को सुदृढ़ करने की आशा व्यक्त की।
स्रोत में देशों के नाम नहीं बताए गए हैं, परन्तु इन चार देशों की भारतीय मंत्रालयों के साथ निकट भविष्य में समझौते और संयुक्त पहलें तय करने की संभावना है, जो भारत की व्यापक विदेश नीति के अनुरूप है।
समारोह के अंत में एक औपचारिक स्वागत समारोह हुआ, जहाँ उपस्थित प्रतिनिधियों ने भारतीय अधिकारियों और अन्य कूटनीतिक समुदाय के सदस्यों के साथ अनौपचारिक बातचीत की।