📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A. J. T. Johnsingh, WWF-India and NCF
विज्ञान
कूनो नेशनल पार्क में मादा KGP12 ने चार चीता शावक जन्मे
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 18 सित. 2026, 03:45 PM
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कूनो नेशनल पार्क में KGP12 नाम की मादा चीता ने चार शावक को जन्म दिया, जो प्रोजेक्ट चीता की चार साल की सालगिरह के बाद आया।
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में KGP12 नाम की मादा चीता ने चार शावक को जन्म दिया है। यह जन्म प्रोजेक्ट चीता के तहत हुए सफल प्रजनन प्रयास का परिणाम है, जिसका उद्देश्य भारत में चीता जनसंख्या को पुनर्स्थापित करना है।
प्रोजेक्ट चीता की चार साल की सालगिरह के अगले दिन यह खबर सामने आई, जिससे कार्यक्रम की प्रगति पर सकारात्मक प्रकाश पड़ा। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधिकारी और पार्क स्टाफ ने माँ और शावकों की स्वास्थ्य स्थिति पर कड़ी नज़र रखी।
2022 में शुरू किया गया प्रोजेक्ट चीता अफ्रीका से चीते लाकर कूनो में अनुकूल आवास तैयार करने पर केंद्रित है। इस नवीनतम लिटर ने भारत में जंगली रूप से प्रजनन करने वाले सीमित चीते की संख्या में इजाफा किया, जिससे इस प्रजाति के दीर्घकालिक अस्तित्व की आशा बढ़ी।
संरक्षण विशेषज्ञों ने शावकों की सुरक्षा के लिए शिकारियों के आधार को संरक्षित रखने और ग़ैरक़ानूनी शिकार को रोकने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। यह सफल जन्म केंद्रीय और राज्य स्तर के अधिकारियों, वन विशेषज्ञों और स्थानीय समुदायों के सहयोग को दर्शाता है।
शावकों के विकास से जुड़ी आगे की जानकारी, जैसे आँखें खोलना और घास के मैदानों में घूमना, पार्क अधिकारियों द्वारा समय‑समय पर साझा की जाएगी।
प्रोजेक्ट चीता की चार साल की सालगिरह के अगले दिन यह खबर सामने आई, जिससे कार्यक्रम की प्रगति पर सकारात्मक प्रकाश पड़ा। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधिकारी और पार्क स्टाफ ने माँ और शावकों की स्वास्थ्य स्थिति पर कड़ी नज़र रखी।
2022 में शुरू किया गया प्रोजेक्ट चीता अफ्रीका से चीते लाकर कूनो में अनुकूल आवास तैयार करने पर केंद्रित है। इस नवीनतम लिटर ने भारत में जंगली रूप से प्रजनन करने वाले सीमित चीते की संख्या में इजाफा किया, जिससे इस प्रजाति के दीर्घकालिक अस्तित्व की आशा बढ़ी।
संरक्षण विशेषज्ञों ने शावकों की सुरक्षा के लिए शिकारियों के आधार को संरक्षित रखने और ग़ैरक़ानूनी शिकार को रोकने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। यह सफल जन्म केंद्रीय और राज्य स्तर के अधिकारियों, वन विशेषज्ञों और स्थानीय समुदायों के सहयोग को दर्शाता है।
शावकों के विकास से जुड़ी आगे की जानकारी, जैसे आँखें खोलना और घास के मैदानों में घूमना, पार्क अधिकारियों द्वारा समय‑समय पर साझा की जाएगी।