📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Presbyterian Church in the U.S.A;
Presbyterian Chu
खेल
सब्जी बेचने वाले जँधु कुमार ने कमनवेल्थ पदक जीता, अब पैरालंपिक का सपना
✍️ The Times of India
🗓 19 अक्टू. 2026, 08:31 AM
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एक समय सब्जी बेचने वाले जँधु कुमार ने कमनवेल्थ खेलों में पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है और अब पैरालंपिक में भाग लेने का लक्ष्य रखता है।
जँधु कुमार की कहानी, जो कभी सड़कों पर सब्जी बेचते थे, अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले एथलीट बन गए हैं, ने देश भर में उत्साह जगा दिया है। रोज़मर्रा की कमाई के लिए सब्जी बेचते हुए उन्होंने पैरास्पोर्ट्स की ओर रुख किया, जहाँ उनकी दृढ़ता ने कमनवेल्थ खेलों में पदक जीतने में बदला।
कमनवेल्थ में मिली इस सफलता ने न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष को मान्यता दी, बल्कि भारत के पैरास्पोर्ट्स के विकास को भी उजागर किया। यह उपलब्धि उनके जैसे कई गरीब पृष्ठभूमि के एथलीटों के लिए प्रेरणा बन गई है।
अब जँधु कुमार का लक्ष्य पैरालंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना है। वह अपने प्रशिक्षण को तीव्र कर रहे हैं, उन्नत कोचिंग और बेहतर सुविधाओं की तलाश में हैं, ताकि विश्व के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। उनका सफर खेल की परिवर्तनकारी शक्ति को दर्शाता है, जो कई आशावान खिलाड़ियों को आशा देता है।
भारतीय पैरालंपिक समिति ने उनके इस लक्ष्य का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि जँधु जैसे एथलीट राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अगली बड़ी प्रतियोगिता की तैयारी में, वह अपने कमनवेल्थ पदक को पैरालंपिक की महिमा में बदलने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
कमनवेल्थ में मिली इस सफलता ने न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष को मान्यता दी, बल्कि भारत के पैरास्पोर्ट्स के विकास को भी उजागर किया। यह उपलब्धि उनके जैसे कई गरीब पृष्ठभूमि के एथलीटों के लिए प्रेरणा बन गई है।
अब जँधु कुमार का लक्ष्य पैरालंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना है। वह अपने प्रशिक्षण को तीव्र कर रहे हैं, उन्नत कोचिंग और बेहतर सुविधाओं की तलाश में हैं, ताकि विश्व के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। उनका सफर खेल की परिवर्तनकारी शक्ति को दर्शाता है, जो कई आशावान खिलाड़ियों को आशा देता है।
भारतीय पैरालंपिक समिति ने उनके इस लक्ष्य का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि जँधु जैसे एथलीट राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अगली बड़ी प्रतियोगिता की तैयारी में, वह अपने कमनवेल्थ पदक को पैरालंपिक की महिमा में बदलने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।