📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
पूर्व सिखिम मुख्यमंत्री ने दरजीला मिलन को खारिज, गोरखालैंड मांग का समर्थन
✍️ The Statesman
🗓 25 सित. 2026, 08:16 PM
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सिखिम के पूर्व मुख्यमंत्री ने दरजीला के साथ विलय के प्रस्ताव को खारिज किया और गोरखालैंड आंदोलन का समर्थन दोहराया।
सिखिम के पूर्व मुख्यमंत्री ने दरजीला पहाड़ी क्षेत्र को सिखिम में मिलाने के किसी भी प्रस्ताव को खारिज कर दिया, यह कहा कि ऐसा विलय राज्य के हितों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे का समाधान लोकतांत्रिक संवाद के माध्यम से होना चाहिए, न कि प्रशासनिक पुनर्गठन से।
इसी दौरान उन्होंने गोरखालैंड की मांग का दृढ़ समर्थन व्यक्त किया, यह कहा कि गोरखा समुदाय की आकांक्षाओं को वैध राजनीतिक विचारधारा के रूप में माना जाना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और केंद्र सरकार से गोरखा नेताओं के साथ रचनात्मक संवाद करने का आग्रह किया।
विश्लेषकों का मानना है कि उनका यह दोहरा रुख उत्तर‑पूर्व में क्षेत्रीय स्वायत्तता के विमर्श को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि सिखिम और पश्चिम बंगाल दोनों ही क्षेत्रीय पहचान और सीमाओं को लेकर प्रतिस्पर्धी दावों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री की टिप्पणी आगामी राज्य‑केंद्र वार्ताओं में असर डाल सकती है।
इसी दौरान उन्होंने गोरखालैंड की मांग का दृढ़ समर्थन व्यक्त किया, यह कहा कि गोरखा समुदाय की आकांक्षाओं को वैध राजनीतिक विचारधारा के रूप में माना जाना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और केंद्र सरकार से गोरखा नेताओं के साथ रचनात्मक संवाद करने का आग्रह किया।
विश्लेषकों का मानना है कि उनका यह दोहरा रुख उत्तर‑पूर्व में क्षेत्रीय स्वायत्तता के विमर्श को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि सिखिम और पश्चिम बंगाल दोनों ही क्षेत्रीय पहचान और सीमाओं को लेकर प्रतिस्पर्धी दावों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री की टिप्पणी आगामी राज्य‑केंद्र वार्ताओं में असर डाल सकती है।