📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lepel Henry Griffin
अपराध
मोहाली: पूर्व मंत्री मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति मामले में फाइनल चालान
✍️ Amar Ujala · Mohali
🗓 28 अक्टू. 2026, 02:03 PM
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पंजाब के पूर्व मंत्री मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के आरोप में फाइनल चालान जारी किया गया, अधिकारियों ने बताया।
मोहाली, पंजाब – मोहाली में प्रवर्तन प्राधिकरणों ने पूर्व राज्य मंत्री मजीठिया को एक ऐसे मामले में फाइनल चालान जारी किया है, जिसमें उनके घोषित संपत्तियों का उनके वैध आय से अधिक होने का आरोप लगाया गया है। यह नोटिस भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा के तहत जारी किया गया है और इसमें निर्धारित कानूनी समय सीमा के भीतर उत्तर देने की मांग की गई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं ने मजीठिया की ज्ञात आय स्रोतों और उनकी चल एवं अचल संपत्तियों के कुल मूल्य के बीच असंगति दर्शाने वाले साक्ष्य एकत्र किए हैं। कई महीनों से चल रहे इस मामले में अब फाइनल चालान जारी किया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि प्राधिकरण इस मुद्दे को पर्याप्त रूप से स्थापित मानते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि फाइनल चालान एक औपचारिक कदम है, जो तब अभियोजन की ओर ले जा सकता है जब उत्तरदाता संतोषजनक स्पष्टीकरण या वैध आय के प्रमाण प्रस्तुत करने में विफल रहता है। पूर्व मंत्री ने अभी तक इन आरोपों या चालान जारी होने पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
यह विकास पंजाब में सार्वजनिक अधिकारियों की वित्तीय प्रकटीकरण पर चल रहे कड़ी जांचों की श्रृंखला में एक नया अध्याय जोड़ता है। मामला उपयुक्त न्यायालय में सुना जाएगा, जहाँ अंतिम निर्णय दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं ने मजीठिया की ज्ञात आय स्रोतों और उनकी चल एवं अचल संपत्तियों के कुल मूल्य के बीच असंगति दर्शाने वाले साक्ष्य एकत्र किए हैं। कई महीनों से चल रहे इस मामले में अब फाइनल चालान जारी किया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि प्राधिकरण इस मुद्दे को पर्याप्त रूप से स्थापित मानते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि फाइनल चालान एक औपचारिक कदम है, जो तब अभियोजन की ओर ले जा सकता है जब उत्तरदाता संतोषजनक स्पष्टीकरण या वैध आय के प्रमाण प्रस्तुत करने में विफल रहता है। पूर्व मंत्री ने अभी तक इन आरोपों या चालान जारी होने पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
यह विकास पंजाब में सार्वजनिक अधिकारियों की वित्तीय प्रकटीकरण पर चल रहे कड़ी जांचों की श्रृंखला में एक नया अध्याय जोड़ता है। मामला उपयुक्त न्यायालय में सुना जाएगा, जहाँ अंतिम निर्णय दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।