📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Youth Affairs and Sports
राजनीति
एमपी के पूर्व अपर कलेक्टर अनिल कुमार डामोर का हार्ट अटैक से निधन, विदिशा में
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 08 सित. 2026, 03:18 PM
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आईएएस अधिकारी अनिल कुमार डामोर, विदिशा के पूर्व अपर कलेक्टर, मंगलवार सुबह दिल के दौरे से गुजरकर विदिशा मेडिकल कॉलेज में मृत घोषित हुए।
अनिल कुमार डामोर, 2019 बैच के आईएएस अधिकारी, जो हाल ही में मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के अपर कलेक्टर रहे, मंगलवार सुबह अचानक दिल के दौरे से गिर पड़े। परिजनों ने उन्हें विदिशा मेडिकल कॉलेज ले जाया, जहाँ डॉक्टरों ने तुरंत उनका मृत घोषित किया।
स्रोतों के अनुसार, डामोर नई जिम्मेदारी संभालने के लिए भोपाल में पदस्थापित होने वाले थे, तभी उनका अचानक स्वास्थ्य बिगड़ गया। इस अनपेक्षित मृत्यु से राज्य की प्रशासनिक टीम और विदिशा के नागरिकों में शोक की लहर दौड़ गई, जिन्होंने उनके कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों को सराहा था।
जिला प्रशासन ने एक दिन के आधिकारिक शोक का एलान किया है और जिला कलेक्टरate में शोकसभा आयोजित करने की योजना बनाई है। अंतिम संस्कार की तिथियों के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है।
डामोर की मृत्यु वरिष्ठ अधिकारियों में उच्च तनाव के कारण होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों की ओर इशारा करती है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी कर्मचारियों को हृदय रोग की रोकथाम के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने की सलाह दी है।
आईएएस अधिकारी के पीछे उनका जीवनसाथी और दो बच्चे हैं, जिन्होंने इस कठिन समय में गोपनीयता की मांग की है।
स्रोतों के अनुसार, डामोर नई जिम्मेदारी संभालने के लिए भोपाल में पदस्थापित होने वाले थे, तभी उनका अचानक स्वास्थ्य बिगड़ गया। इस अनपेक्षित मृत्यु से राज्य की प्रशासनिक टीम और विदिशा के नागरिकों में शोक की लहर दौड़ गई, जिन्होंने उनके कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों को सराहा था।
जिला प्रशासन ने एक दिन के आधिकारिक शोक का एलान किया है और जिला कलेक्टरate में शोकसभा आयोजित करने की योजना बनाई है। अंतिम संस्कार की तिथियों के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है।
डामोर की मृत्यु वरिष्ठ अधिकारियों में उच्च तनाव के कारण होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों की ओर इशारा करती है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी कर्मचारियों को हृदय रोग की रोकथाम के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने की सलाह दी है।
आईएएस अधिकारी के पीछे उनका जीवनसाथी और दो बच्चे हैं, जिन्होंने इस कठिन समय में गोपनीयता की मांग की है।