📷 चित्र स्रोत: The Hindu (via NewsData)
अपराध
पूर्व दिल्ली मंत्री सत्येंद्र जैन और पूर्व DJB सीईओ को STP टेंडर केस में गिरफ्तार
✍️ The Hindu
🗓 19 अग. 2026, 09:43 AM
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दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और पूर्व DJB सीईओ को राज्य‑संचालित सीवेज‑ट्रीटमेंट‑प्लांट अनुबंधों में कथित अनियमितताओं के लिए एसीबी ने हिरासत में लिया।
एंटी‑करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को दिल्ली में सीवेज‑ट्रीटमेंट‑प्लांट (STP) परियोजनाओं से जुड़ी टेंडर धोखाधड़ी के मामले में छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारियों में पूर्व दिल्ली मंत्री सत्येंद्र जैन और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल हैं। जांच में कई STP अनुबंधों के टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर का पता चला।
एसीबी ने एक पूर्व अनुबंध सलाहकार, अंकित श्रीवास्तव, तथा तीन निजी व्यक्तियों—नगेन्द्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा—को भी इस मामले में शामिल बताया। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त सबूत एकत्र करने के बाद संदेहियों को हिरासत में लिया गया।
जांच अभी जारी है और एसीबी ने शामिल राशि या विशेष अनुबंधों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, पर उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सार्वजनिक खरीद में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए एक सख्त संदेश है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला दिल्ली के बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है, खासकर जब शहर को पर्यावरणीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपनी सीवेज‑ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ानी है। गिरफ्तार व्यक्तियों को आगे की न्यायिक कार्यवाही के लिए जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने अभी तक इन गिरफ्तारियों पर कोई टिप्पणी नहीं की है, पर भविष्य में समान आरोपों से बचने के लिए टेंडरिंग तंत्र की समीक्षा की संभावना जताई गई है।
एसीबी ने एक पूर्व अनुबंध सलाहकार, अंकित श्रीवास्तव, तथा तीन निजी व्यक्तियों—नगेन्द्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा—को भी इस मामले में शामिल बताया। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त सबूत एकत्र करने के बाद संदेहियों को हिरासत में लिया गया।
जांच अभी जारी है और एसीबी ने शामिल राशि या विशेष अनुबंधों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, पर उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सार्वजनिक खरीद में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए एक सख्त संदेश है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला दिल्ली के बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है, खासकर जब शहर को पर्यावरणीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपनी सीवेज‑ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ानी है। गिरफ्तार व्यक्तियों को आगे की न्यायिक कार्यवाही के लिए जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने अभी तक इन गिरफ्तारियों पर कोई टिप्पणी नहीं की है, पर भविष्य में समान आरोपों से बचने के लिए टेंडरिंग तंत्र की समीक्षा की संभावना जताई गई है।