📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / U.S. Air Force photo by Roland Balik
बिज़नेस
विदेशी कंपनियों ने 2022 से भारत में 105 मिलियन वर्ग फुट स्थान किराए पर लिया
✍️ Business Standard
🗓 25 जुल. 2026, 03:18 AM
👁 7
2022 से ही बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने भारत में 105 मिलियन वर्ग फुट कार्यालय स्थान किराए पर लिया है, जिससे भारत को ऑफ‑शोरिंग और डिजिटल सेवाओं के लिए प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरने का संकेत मिलता है।
मल्टीनेशनल कंपनियों ने 2022 से भारत में 105 मिलियन वर्ग फुट कार्यालय स्थान किराए पर लिया है, मुख्यतः ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने के लिए। यह कदम भारत को लागत‑प्रभावी, कुशल कार्यबल के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरने का संकेत देता है।
GCCs विशेष इकाइयाँ हैं जो ग्राहक समर्थन, डेटा विश्लेषण और सॉफ्टवेयर विकास जैसी बैक‑ऑफिस कार्यों को संभालती हैं। भारत का मजबूत प्रतिभा पूल, अंग्रेजी दक्षता और सहायक नियामक माहौल इन केंद्रों के लिए इसे आकर्षक बनाता है।
कुल लीज़ मात्रा से यह स्पष्ट होता है कि विदेशी निवेश भारत के सेवा क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है। यद्यपि शामिल कंपनियों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं है, यह आंकड़ा देश की वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में भूमिका को दर्शाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रवृत्ति जारी रहेगी, क्योंकि अधिक कंपनियाँ प्रौद्योगिकी, वित्त और स्वास्थ्य सेवा में भारत की विशेषज्ञता का लाभ उठाने की चाह रखती हैं। सरकार की बुनियादी ढाँचे और व्यापार में आसानी को बढ़ाने वाली पहलों से इस विकास को और गति मिलने की उम्मीद है।
जैसे-जैसे भारत GCCs के लिए एक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करता है, देश को रोजगार के अवसरों, कौशल विकास और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के माध्यम से जीडीपी में वृद्धि का लाभ मिलेगा।
GCCs विशेष इकाइयाँ हैं जो ग्राहक समर्थन, डेटा विश्लेषण और सॉफ्टवेयर विकास जैसी बैक‑ऑफिस कार्यों को संभालती हैं। भारत का मजबूत प्रतिभा पूल, अंग्रेजी दक्षता और सहायक नियामक माहौल इन केंद्रों के लिए इसे आकर्षक बनाता है।
कुल लीज़ मात्रा से यह स्पष्ट होता है कि विदेशी निवेश भारत के सेवा क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है। यद्यपि शामिल कंपनियों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं है, यह आंकड़ा देश की वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में भूमिका को दर्शाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रवृत्ति जारी रहेगी, क्योंकि अधिक कंपनियाँ प्रौद्योगिकी, वित्त और स्वास्थ्य सेवा में भारत की विशेषज्ञता का लाभ उठाने की चाह रखती हैं। सरकार की बुनियादी ढाँचे और व्यापार में आसानी को बढ़ाने वाली पहलों से इस विकास को और गति मिलने की उम्मीद है।
जैसे-जैसे भारत GCCs के लिए एक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करता है, देश को रोजगार के अवसरों, कौशल विकास और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के माध्यम से जीडीपी में वृद्धि का लाभ मिलेगा।