📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
धर्म
उज्जैन में विदेशी जोड़ों ने चुना वैदिक विवाह
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 23 अग. 2026, 02:47 PM
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उज्जैन में विदेशी जोड़ों ने हाल ही में वैदिक विवाह समारोह में भाग लिया, जिससे भारतीय रीति‑रिवाजों में बढ़ती रुचि दिखी।
उज्जैन, जो अपने प्राचीन मंदिरों और आध्यात्मिक विरासत के लिए जाना जाता है, ने हाल ही में कई विदेशी जोड़ों के लिए वैदिक विवाह समारोह आयोजित किए। स्थानीय पुजारी ने महाकालेश्वर मंदिर के निकट एक ऐतिहासिक स्थल पर शास्त्रों में वर्णित परम्परागत रीति‑रिवाजों के अनुसार समारोह संपन्न किया।
इन जोड़ों ने प्राचीन संस्कृत मंत्रों का उच्चारण, अग्नि के सामने सात फेरे और पारिवारिक सदस्यों की उपस्थिति में वचन आदान‑प्रदान जैसे वैदिक तत्वों को अपनाया, जिससे उन्हें भारतीय विवाह की सच्ची अनुभूति मिली।
स्थानीय अधिकारियों और पर्यटन विभाग ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम उज्जैन की सांस्कृतिक आकर्षण को बढ़ाते हैं और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भारत की आध्यात्मिक परम्पराओं से परिचित कराते हैं। यह पहल सांस्कृतिक समझ को गहरा करती है और शहर को धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित करती है।
आयोजकों ने बताया कि सभी कानूनी प्रावधानों का पालन किया गया है और समारोह के बाद जोड़े अपने-अपने देशों में वैध रूप से विवाह पंजीकरण करवाने की योजना बना रहे हैं।
उज्जैन में हुए इन वैदिक विवाहों से यह स्पष्ट होता है कि विदेशी यात्रियों में भारतीय परम्पराओं में रुचि बढ़ रही है, जो शहर की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत कर रहा है।
इन जोड़ों ने प्राचीन संस्कृत मंत्रों का उच्चारण, अग्नि के सामने सात फेरे और पारिवारिक सदस्यों की उपस्थिति में वचन आदान‑प्रदान जैसे वैदिक तत्वों को अपनाया, जिससे उन्हें भारतीय विवाह की सच्ची अनुभूति मिली।
स्थानीय अधिकारियों और पर्यटन विभाग ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम उज्जैन की सांस्कृतिक आकर्षण को बढ़ाते हैं और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भारत की आध्यात्मिक परम्पराओं से परिचित कराते हैं। यह पहल सांस्कृतिक समझ को गहरा करती है और शहर को धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित करती है।
आयोजकों ने बताया कि सभी कानूनी प्रावधानों का पालन किया गया है और समारोह के बाद जोड़े अपने-अपने देशों में वैध रूप से विवाह पंजीकरण करवाने की योजना बना रहे हैं।
उज्जैन में हुए इन वैदिक विवाहों से यह स्पष्ट होता है कि विदेशी यात्रियों में भारतीय परम्पराओं में रुचि बढ़ रही है, जो शहर की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत कर रहा है।