📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pushtimarg
खानपान
जयपुर में टंकियों में मृत छिपकलियां‑मकड़ियां मिलने पर 85,000 किग्रा अचार की जाँच
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 20 अक्टू. 2026, 09:45 AM
👁 23
राजस्थान खाद्य सुरक्षा विभाग ने जयपुर के मुहाना मंडी में स्थित श्री श्याम फूड्स के परिसर को सील कर लगभग 85 हजार किलोग्राम अचार व कच्चा माल जब्त किया, जब टंकियों में मृत छिपकलियां‑मकड़ियां मिलीं।
राजस्थान खाद्य सुरक्षा विभाग ने “शुद्ध आहार‑मिलावट पर वार” अभियान के तहत जयपुर के मुहाना मंडी में स्थित श्री श्याम फूड्स के कारखाने में अचानक जाँच की। यह जाँच खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने और स्वच्छता मानकों को लागू करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा थी।
जाँच के दौरान अधिकारियों ने अचार की कई टंकीयों में मृत छिपकलियां और मकड़ियां पाईं, जिससे उत्पाद में गंभीर प्रदूषण का संकेत मिला। इन जीवों की मौजूदगी ने विभाग को तुरंत कार्रवाई करने पर मजबूर किया, क्योंकि ऐसे पदार्थ मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने गए।
कुल मिलाकर लगभग 85,000 किलोग्राम अचार और उससे जुड़े कच्चे माल को जब्त किया गया, और परिसर को आगे की जांच तक सील कर दिया गया। इस मात्रा में तैयार उत्पाद और भविष्य में उपयोग किए जा सकने वाले सामग्री दोनों शामिल हैं।
विभाग ने निर्माता को सूचित किया है कि विस्तृत फोरेंसिक परीक्षण किया जाएगा और यदि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का उल्लंघन पाया गया तो लाइसेंस रद्द सहित दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा में राज्य प्राधिकरणों की सतर्कता को उजागर करता है।
जाँच के दौरान अधिकारियों ने अचार की कई टंकीयों में मृत छिपकलियां और मकड़ियां पाईं, जिससे उत्पाद में गंभीर प्रदूषण का संकेत मिला। इन जीवों की मौजूदगी ने विभाग को तुरंत कार्रवाई करने पर मजबूर किया, क्योंकि ऐसे पदार्थ मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने गए।
कुल मिलाकर लगभग 85,000 किलोग्राम अचार और उससे जुड़े कच्चे माल को जब्त किया गया, और परिसर को आगे की जांच तक सील कर दिया गया। इस मात्रा में तैयार उत्पाद और भविष्य में उपयोग किए जा सकने वाले सामग्री दोनों शामिल हैं।
विभाग ने निर्माता को सूचित किया है कि विस्तृत फोरेंसिक परीक्षण किया जाएगा और यदि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का उल्लंघन पाया गया तो लाइसेंस रद्द सहित दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा में राज्य प्राधिकरणों की सतर्कता को उजागर करता है।