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27 सित. 2026•
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खाद्य सुरक्षा में चूक से सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे में, विशेषज्ञ मुंडे का चेतावनी
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jyoti mundhe gkd
स्वास्थ्य

खाद्य सुरक्षा में चूक से सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे में, विशेषज्ञ मुंडे का चेतावनी

✍️ Business Standard 🗓 26 सित. 2026, 11:36 PM 👁 16
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विशेषज्ञ मुंडे ने बताया कि लोग खाद्य सुरक्षा में चूकों को अक्सर कम आंकते हैं, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे में पड़ सकता है, और कड़ी निगरानी की मांग की।

बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ किए गए साक्षात्कार में खाद्य‑सुरक्षा विशेषज्ञ मुंडे ने भारत में खाद्य सुरक्षा मानकों में चूकों के कारण उपभोक्ताओं की समझ में अंतर को उजागर किया। उन्होंने चेतावनी दी कि संभाल, प्रसंस्करण और वितरण में लापरवाही ऐसे जोखिम पैदा करती है जो बाद में स्वास्थ्य संकट में बदल सकते हैं।

मुंडे के अनुसार आम चूकों में तापमान नियंत्रण की कमी, घटिया सामग्री का उपयोग और रोगजनकों या रासायनिक अवशेषों के लिए अपर्याप्त परीक्षण शामिल हैं। ये खामियां अक्सर उपभोक्ता को दिखाई नहीं देतीं, परन्तु खाद्य‑जनित रोग, एलर्जी और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती हैं।

विशेषज्ञ ने दो‑स्तरीय उपायों की माँग की: फूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (FSSAI) जैसी एजेंसियों द्वारा कड़ी निगरानी और उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाना। नियमित निरीक्षण, पारदर्शी लेबलिंग और त्वरित रीकॉल प्रक्रिया सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए आवश्यक हैं।

मुंडे ने कहा कि नियामकों, निर्माताओं और उपभोक्ताओं के सहयोग के बिना खाद्य सुरक्षा में चूकों का छिपा खतरा देश के स्वास्थ्य पर असर डालता रहेगा।
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