📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Sachinghai09
Derivative work: Radomian
मौसम
उत्तर प्रदेश में बाढ़, 23 जिलों में 16,000 लोग निकाले, 3 मौतें
✍️ Hindustan Times
🗓 03 सित. 2026, 01:03 AM
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भारी बारिश से उत्तर प्रदेश में बाढ़ आई, 23 जिलों में 16,000 से अधिक लोगों को निकाला गया और तीन लोगों की मौत हुई। राहत कार्यों को तेज किया गया है।
उत्तर प्रदेश में लगातार बरसती बारिश ने 23 जिलों में नदियों को उफान पर ला दिया, जिससे 16,000 से अधिक लोगों को अस्थायी आश्रयों में स्थानांतरित करना पड़ा। लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे प्रमुख जिलों में जलस्तर तेज़ी से बढ़ा, विशेषकर पिछले 48 घंटों में।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने बताया कि तीन लोगों की मौतें हुईं, जो दूरस्थ गांवों में अचानक आए फ्लैश‑फ्लड के कारण हुईं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और भारतीय सेना की बचाव टीमें खोज‑और‑बचाव कार्यों में लगी हैं और भोजन, सूखे कपड़े व दवाइयाँ वितरित कर रही हैं।
सरकार ने राहत कार्यों को तेज़ किया है, अतिरिक्त राहत शिविर स्थापित किए हैं, एम्बुलेंस की व्यवस्था की है और स्थानीय NGOs के साथ समन्वय कर सहायता पहुंचा रही है। कई क्षेत्रों में बिजली बहाल हो गई है, जबकि बाढ़‑ग्रस्त इलाकों में मरम्मत कार्य जारी है।
प्राधिकरण ने निवासियों से सतर्क रहने, जलजमाव वाले रास्तों से बचने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। नदी स्तर और मौसम पूर्वानुमान की निरंतर निगरानी के आधार पर आगे की निकासी के निर्णय लिए जाएंगे।
स्थिति अभी भी बदल रही है, और राज्य सरकार ने पानी के घटने तक निरंतर सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने बताया कि तीन लोगों की मौतें हुईं, जो दूरस्थ गांवों में अचानक आए फ्लैश‑फ्लड के कारण हुईं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और भारतीय सेना की बचाव टीमें खोज‑और‑बचाव कार्यों में लगी हैं और भोजन, सूखे कपड़े व दवाइयाँ वितरित कर रही हैं।
सरकार ने राहत कार्यों को तेज़ किया है, अतिरिक्त राहत शिविर स्थापित किए हैं, एम्बुलेंस की व्यवस्था की है और स्थानीय NGOs के साथ समन्वय कर सहायता पहुंचा रही है। कई क्षेत्रों में बिजली बहाल हो गई है, जबकि बाढ़‑ग्रस्त इलाकों में मरम्मत कार्य जारी है।
प्राधिकरण ने निवासियों से सतर्क रहने, जलजमाव वाले रास्तों से बचने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। नदी स्तर और मौसम पूर्वानुमान की निरंतर निगरानी के आधार पर आगे की निकासी के निर्णय लिए जाएंगे।
स्थिति अभी भी बदल रही है, और राज्य सरकार ने पानी के घटने तक निरंतर सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।