📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / shyamlal.t.pushpan
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केरल में FISAT का चांदी का जयंती उत्सव, नई बुनियादी ढांचे और वैश्विक दृष्टि के साथ
✍️ Onmanorama
🗓 30 अक्टू. 2026, 11:38 AM
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थैलैंड में भारतीय राज्यों की संस्थाओं की महासंघ (FISAT) ने केरल में अपने 25वें वर्षगांठ पर नई बुनियादी ढांचे का उद्घाटन किया और एक वैश्विक रणनीतिक दृष्टि का प्रस्ताव रखा।
थैलैंड में भारतीय राज्यों की संस्थाओं की महासंघ (FISAT) ने हाल ही में अपनी चांदी की जयंती मनाई, जो इसकी स्थापना और भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए इसके योगदान के 25 वर्षों का प्रतीक है। इस स्मृति समारोह का आयोजन केरल में किया गया, जिसमें संगठन की प्रगति और भारत-थैलैंड के बीच सांस्कृतिक एवं आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के उसकी निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला गया।
जयंती उत्सवों के दौरान, FISAT ने अपनी बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधारों का उद्घाटन किया। ये नई सुविधाएँ समुदाय की बेहतर सेवा के लिए और भविष्य की पहलों के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। संगठन ने तनाव दिया कि ये संरचनात्मक सुधार लंबे समय तक टिकने और सेवा प्रदान करने के उसके प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
भौतिक सुधारों के अलावा, संघ ने अपनी प्रभाव और प्रभाव को बढ़ाने के लिए एक नई वैश्विक दृष्टि प्रस्तुत की। इस रणनीतिक रोडमैप का ध्यान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और भारतीय समुदाय को व्यापक स्तर पर समर्थन देने पर केंद्रित है। नेतृत्व ने वैश्विक रुझानों के अनुकूल होने और मजबूत सांस्कृतिक मूलों को बनाए रखने की महत्वपूर्णता पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम ने FISAT की भारतीय राज्यों और थैलैंड राष्ट्र के बीच एक प्रमुख सेतु के रूप में भूमिका को रेखांकित किया। ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ-साथ अग्रगामी बुनियादी ढांचे और नीति लक्ष्यों को जोड़कर, FISAT क्षेत्र में एक प्रमुख प्रवासी संगठन के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने की उम्मीद रखता है।
जयंती उत्सवों के दौरान, FISAT ने अपनी बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधारों का उद्घाटन किया। ये नई सुविधाएँ समुदाय की बेहतर सेवा के लिए और भविष्य की पहलों के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। संगठन ने तनाव दिया कि ये संरचनात्मक सुधार लंबे समय तक टिकने और सेवा प्रदान करने के उसके प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
भौतिक सुधारों के अलावा, संघ ने अपनी प्रभाव और प्रभाव को बढ़ाने के लिए एक नई वैश्विक दृष्टि प्रस्तुत की। इस रणनीतिक रोडमैप का ध्यान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और भारतीय समुदाय को व्यापक स्तर पर समर्थन देने पर केंद्रित है। नेतृत्व ने वैश्विक रुझानों के अनुकूल होने और मजबूत सांस्कृतिक मूलों को बनाए रखने की महत्वपूर्णता पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम ने FISAT की भारतीय राज्यों और थैलैंड राष्ट्र के बीच एक प्रमुख सेतु के रूप में भूमिका को रेखांकित किया। ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ-साथ अग्रगामी बुनियादी ढांचे और नीति लक्ष्यों को जोड़कर, FISAT क्षेत्र में एक प्रमुख प्रवासी संगठन के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने की उम्मीद रखता है।