📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / B. Marcote (JIVE/ASTRON)/Martí et al. 2026
विज्ञान
आकाशगंगा में मिला पहला माइक्रोब्लेजर: ब्लैक होल से निकला प्रकाश‑की‑रफ़्तार के करीब जेट
✍️ Amar Ujala
🗓 27 सित. 2026, 04:18 AM
👁 19
वैज्ञानिकों ने आकाशगंगा में पहला माइक्रोब्लेजर खोजा, जिससे ब्लैक होल से निकले प्रकाश‑की‑रफ़्तार के करीब जेट का पहला अवलोकन हुआ।
भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिकों ने उच्च‑रिज़ॉल्यूशन रेडियो टेलीस्कोप डेटा का विश्लेषण कर आकाशगंगा के भीतर एक माइक्रोब्लेजर की खोज की है। यह वस्तु, जो पृथ्वी से कई हजार प्रकाश‑वर्ष दूर स्थित है, प्रकाश‑की‑रफ़्तार के करीब चलने वाली संकीर्ण जेट प्रदर्शित करती है, जो पहले केवल बाह्यगैलेक्टिक ब्लेज़रों में देखा गया था।
टीम ने बहुत लंबी बेसलाइन इंटरफ़ेरोमेट्री (VLBI) तकनीक से स्रोत को सटीक रूप से पहचाना और उसकी तेज़ परिवर्तनशीलता को मापा, जिससे पुष्टि हुई कि जेट हमारी दृष्टि की दिशा में लगभग सीधे उन्मुख है। इस दिशा के कारण उत्सर्जन बढ़ जाता है, जिससे हमारे अपने मिल्की वे में ब्लैक होल जेट के भौतिकी को पहले से अधिक विस्तार से अध्ययन किया जा सकता है।
यह खोज सापेक्षिक जेट स्रोतों की ज्ञात संख्या को बढ़ाती है और ब्लैक होल के निकट कण त्वरितीकरण व चुंबकीय क्षेत्र की गतिशीलता के मॉडल को परीक्षण करने के लिए निकटवर्ती प्रयोगशाला प्रदान करती है। वैज्ञानिक विभिन्न तरंगदैर्घ्य में आगे की निगरानी कर जेट की संरचना और उसके आसपास के अंतरिक्षीय माध्यम पर प्रभाव को समझने का लक्ष्य रख रहे हैं।
टीम ने बहुत लंबी बेसलाइन इंटरफ़ेरोमेट्री (VLBI) तकनीक से स्रोत को सटीक रूप से पहचाना और उसकी तेज़ परिवर्तनशीलता को मापा, जिससे पुष्टि हुई कि जेट हमारी दृष्टि की दिशा में लगभग सीधे उन्मुख है। इस दिशा के कारण उत्सर्जन बढ़ जाता है, जिससे हमारे अपने मिल्की वे में ब्लैक होल जेट के भौतिकी को पहले से अधिक विस्तार से अध्ययन किया जा सकता है।
यह खोज सापेक्षिक जेट स्रोतों की ज्ञात संख्या को बढ़ाती है और ब्लैक होल के निकट कण त्वरितीकरण व चुंबकीय क्षेत्र की गतिशीलता के मॉडल को परीक्षण करने के लिए निकटवर्ती प्रयोगशाला प्रदान करती है। वैज्ञानिक विभिन्न तरंगदैर्घ्य में आगे की निगरानी कर जेट की संरचना और उसके आसपास के अंतरिक्षीय माध्यम पर प्रभाव को समझने का लक्ष्य रख रहे हैं।