📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kaushlendrapathe
बिज़नेस
सारणी (बेतुल) में हार्डवेयर दुकान व सर्विस सेंटर में भीषण आग, लाखों रुपये का नुकसान
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 10 सित. 2026, 04:37 PM
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बेतुल के सारणी में एक हार्डवेयर दुकान और सर्विस सेंटर में भीषण आग लगी, पेंट व तेल के कारण आग भड़क गई और लाखों रुपये का नुकसान हुआ। स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड की देर से पहुँचने की आलोचना की।
मध्य प्रदेश के बेतुल जिले के सारणी में एक हार्डवेयर दुकान और उसके साथ स्थित सर्विस सेंटर में देर शाम एक भीषण आग लगी। इन दोनों इकाइयों में पेंट और तेल की बड़ी मात्रा संग्रहीत थी, जिससे आग तेजी से भड़ककर कुछ ही मिनटों में इमारतों को engulf कर गई।
आग की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड को बुलाया गया, पर स्थानीय लोगों ने बताया कि फायर ब्रिगेड आग के प्रकोप के लगभग एक घंटे बाद ही पहुँची। इस देरी पर स्थानीय लोगों ने आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर सवाल उठाए।
प्रारम्भिक आंकड़ों के अनुसार, पेंट, तेल और अन्य हार्डवेयर सामानों के पूरी तरह नष्ट होने के कारण नुकसान कई मिलियन रुपये के अनुमानित है। कोई घायल नहीं हुआ, पर दुकान मालिकों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
प्राधिकरण ने आग के कारण और फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया समय की जांच शुरू कर दी है। जांच में उन व्यावसायिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन की भी समीक्षा की जाएगी जो ज्वलनशील पदार्थों को संग्रहीत करती हैं।
यह घटना छोटे शहरों में आग सुरक्षा नियमों के कड़ाई से लागू करने और स्थानीय आपातकालीन सेवाओं की तत्परता बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर करती है।
आग की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड को बुलाया गया, पर स्थानीय लोगों ने बताया कि फायर ब्रिगेड आग के प्रकोप के लगभग एक घंटे बाद ही पहुँची। इस देरी पर स्थानीय लोगों ने आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर सवाल उठाए।
प्रारम्भिक आंकड़ों के अनुसार, पेंट, तेल और अन्य हार्डवेयर सामानों के पूरी तरह नष्ट होने के कारण नुकसान कई मिलियन रुपये के अनुमानित है। कोई घायल नहीं हुआ, पर दुकान मालिकों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
प्राधिकरण ने आग के कारण और फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया समय की जांच शुरू कर दी है। जांच में उन व्यावसायिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन की भी समीक्षा की जाएगी जो ज्वलनशील पदार्थों को संग्रहीत करती हैं।
यह घटना छोटे शहरों में आग सुरक्षा नियमों के कड़ाई से लागू करने और स्थानीय आपातकालीन सेवाओं की तत्परता बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर करती है।