📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
बिज़नेस
वित्त मंत्री सिथारमन ने निजी क्षेत्र को निवेश और अनुसंधान का नेतृत्व करने का आह्वान
✍️ The Indian Express
🗓 04 अक्टू. 2026, 06:38 AM
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वित्त मंत्री नर्मला सिथारमन ने कहा कि निजी क्षेत्र को अब निवेश चक्र, विशेषकर अनुसंधान एवं विकास, का नेतृत्व करना चाहिए।
वित्त मंत्री नर्मला सिथारमन ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति का अगला चरण निजी क्षेत्र के निवेश से संचालित होना चाहिए, जिसमें पूँजी निवेश के साथ‑साथ अनुसंधान एवं विकास भी शामिल हो। एक हालिया प्रेस ब्रीफ़िंग में उन्होंने बताया कि व्यवसायों को नई परियोजनाओं और नवाचारात्मक पहलों के लिए वित्त पोषण में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
सिथारमन ने बताया कि जबकि सरकारी योजनाओं ने बुनियादी ढाँचा तैयार किया है, वित्तीय सीमाएँ और आवश्यक नवाचार का पैमाना अधिक निजी भागीदारी की माँग करता है। उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा का हवाला देते हुए कहा कि निरंतर आर एंड डी खर्च तकनीकी श्रेष्ठता बनाए रखने और उच्च‑मूल्य वाले रोजगार सृजन के लिए आवश्यक है।
मंत्री ने कहा कि नीति उपायों को निजी पूँजी को आकर्षित करने के लिए टैक्स प्रोत्साहन, तेज़ अनुमोदन प्रक्रिया और सार्वजनिक‑निजी भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में समायोजित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस आह्वान से वेंचर फंडिंग और कॉरपोरेट आर एंड डी बजट में वृद्धि होगी, जिससे भारत की विकास गति को बल मिलेगा।
सिथारमन ने बताया कि जबकि सरकारी योजनाओं ने बुनियादी ढाँचा तैयार किया है, वित्तीय सीमाएँ और आवश्यक नवाचार का पैमाना अधिक निजी भागीदारी की माँग करता है। उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा का हवाला देते हुए कहा कि निरंतर आर एंड डी खर्च तकनीकी श्रेष्ठता बनाए रखने और उच्च‑मूल्य वाले रोजगार सृजन के लिए आवश्यक है।
मंत्री ने कहा कि नीति उपायों को निजी पूँजी को आकर्षित करने के लिए टैक्स प्रोत्साहन, तेज़ अनुमोदन प्रक्रिया और सार्वजनिक‑निजी भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में समायोजित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस आह्वान से वेंचर फंडिंग और कॉरपोरेट आर एंड डी बजट में वृद्धि होगी, जिससे भारत की विकास गति को बल मिलेगा।