📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
सरकारी योजना
FAST-DS: कौन उपयोग कर सकता है और कितना टैक्स लगेगा?
✍️ Asianet Newsable
🗓 16 अग. 2026, 11:50 AM
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विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना (FAST‑DS) के तहत भारतीय निवासी बिना घोषित विदेशी संपत्ति को नियमित कर सकते हैं। पात्र करदाताओं को घोषणा करनी होगी और 5% या 5 लाख रुपये, जो भी अधिक हो, का जुर्माना देना होगा।
मिनिस्टर ऑफ फाइनेंस ने 2023 में FAST‑DS शुरू किया ताकि भारतीय निवासी अपनी छिपी हुई विदेशी संपत्ति को नियमित कर सकें। यह योजना उन व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों और कंपनियों पर लागू होती है जिनकी विदेशी संपत्ति का मूल्य 10 लाख रुपये से अधिक है।
पात्र होने के लिए करदाता को पिछले किसी भी आयकर रिटर्न में विदेशी संपत्ति का खुलासा नहीं किया हुआ होना चाहिए और उसे 90 दिनों के भीतर घोषणा करनी होगी। जुर्माना छिपी हुई राशि का 5% या 5 लाख रुपये, जो भी अधिक हो, के रूप में लगाया जाता है और एकमुश्त भुगतान किया जाता है।
जैसे ही घोषणा और जुर्माना जमा हो जाता है, विदेशी संपत्ति को नियमित माना जाता है और आयकर अधिनियम के तहत आगे की जाँच से मुक्त हो जाती है। यह योजना सरकार के कर अनुपालन और कर चोरी को रोकने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
पात्र होने के लिए करदाता को पिछले किसी भी आयकर रिटर्न में विदेशी संपत्ति का खुलासा नहीं किया हुआ होना चाहिए और उसे 90 दिनों के भीतर घोषणा करनी होगी। जुर्माना छिपी हुई राशि का 5% या 5 लाख रुपये, जो भी अधिक हो, के रूप में लगाया जाता है और एकमुश्त भुगतान किया जाता है।
जैसे ही घोषणा और जुर्माना जमा हो जाता है, विदेशी संपत्ति को नियमित माना जाता है और आयकर अधिनियम के तहत आगे की जाँच से मुक्त हो जाती है। यह योजना सरकार के कर अनुपालन और कर चोरी को रोकने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।