📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kaushal Bishnoi
कृषि
इंदिरा गांधी नहर के प्रथम चरण में पानी की कमी पर अनूपगढ़ बाजार बंद
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 30 सित. 2026, 04:15 PM
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श्री गंगानगर के अनूपगढ़ में किसानों ने इंदिरा गांधी नहर के प्रथम चरण के पर्याप्त सिंचाई पानी की मांग में बाजार बंद कर दिया, एडीएम कार्यालय पर भारी पुलिस तैनात हुई।
राजस्थान के श्री गंगानगर जिले के अनूपगढ़ में किसानों ने इंदिरा गांधी नहर के प्रथम चरण के तहत पर्याप्त सिंचाई पानी की माँग को लेकर बुधवार को आंदोलन तेज कर दिया। जल आवंटन में कमी के कारण फसलों की पैदावार पर असर पड़ने की आशंका ने किसानों को इस कदम पर मजबूर किया।
प्रदर्शन के हिस्से के रूप में अनूपगढ़ का पूरा बाजार बंद कर दिया गया। व्यापारी और खरीदारों को प्रवेश से रोका गया, जिससे स्थानीय व्यापार पूरी तरह रुक गया और किसानों की मांगों को सुदृढ़ करने का संदेश मिला।
एडीएम (सहायक जिला मजिस्ट्रेट) कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन को हिंसक रूप से बदलने से रोकने के लिए सख़्त कदम उठाए।
स्थानीय अधिकारियों ने इस मुद्दे को स्वीकार किया है, पर अभी तक अतिरिक्त पानी की आपूर्ति के लिए कोई निश्चित समय‑सारिणी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि किसान प्रतिनिधियों के साथ बातचीत जारी है और जनता से बाजार क्षेत्र से दूर रहने का अनुरोध किया है।
बाजार बंद होने से दैनिक मजदूरों और छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे जल संकट के सामाजिक‑आर्थिक प्रभावों पर प्रकाश पड़ा है।
प्रदर्शन के हिस्से के रूप में अनूपगढ़ का पूरा बाजार बंद कर दिया गया। व्यापारी और खरीदारों को प्रवेश से रोका गया, जिससे स्थानीय व्यापार पूरी तरह रुक गया और किसानों की मांगों को सुदृढ़ करने का संदेश मिला।
एडीएम (सहायक जिला मजिस्ट्रेट) कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन को हिंसक रूप से बदलने से रोकने के लिए सख़्त कदम उठाए।
स्थानीय अधिकारियों ने इस मुद्दे को स्वीकार किया है, पर अभी तक अतिरिक्त पानी की आपूर्ति के लिए कोई निश्चित समय‑सारिणी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि किसान प्रतिनिधियों के साथ बातचीत जारी है और जनता से बाजार क्षेत्र से दूर रहने का अनुरोध किया है।
बाजार बंद होने से दैनिक मजदूरों और छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे जल संकट के सामाजिक‑आर्थिक प्रभावों पर प्रकाश पड़ा है।