📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
कृषि
किसान 29 अगस्त तक खानौरी बॉर्डर पर डटे, हरियाणा सीएम की बैठक का न्योता ठुकराया
✍️ Amar Ujala · Patiala
🗓 18 अग. 2026, 06:02 AM
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दिल्ली के किसान 29 अगस्त तक खानौरी बॉर्डर पर डटे रहे, बॉर्डर खोलने के लिए संगरूर और पटियाला के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकों में सहमति नहीं बनी।
दिल्ली के किसान, जो मार्च में शामिल हुए थे, 29 अगस्त तक खानौरी बॉर्डर पर डटे रहे, जो हरियाणा और पंजाब के बीच एक प्रमुख सीमा है। इस विरोध के दौरान किसानों ने आगे बढ़ने से इनकार कर दिया है।
इस विरोध के बाद, संगरूर और पटियाला के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से मुलाकात की। बैठक का उद्देश्य बॉर्डर खोलने और किसानों को आगे बढ़ने की अनुमति देने का निर्णय लेना था, परंतु कोई समझौता नहीं हो पाया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ बैठक का निमंत्रण दिया, जिसे किसानों ने ठुकरा दिया। किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं और आगे बढ़ने से पहले उनके मुद्दों को सुलझाने की मांग कर रहे हैं।
खानौरी बॉर्डर पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जहाँ किसान अपनी स्थिति बनाए हुए हैं और अधिकारी दोनों पक्षों को संतुष्ट करने वाले समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
इस विरोध के बाद, संगरूर और पटियाला के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से मुलाकात की। बैठक का उद्देश्य बॉर्डर खोलने और किसानों को आगे बढ़ने की अनुमति देने का निर्णय लेना था, परंतु कोई समझौता नहीं हो पाया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ बैठक का निमंत्रण दिया, जिसे किसानों ने ठुकरा दिया। किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं और आगे बढ़ने से पहले उनके मुद्दों को सुलझाने की मांग कर रहे हैं।
खानौरी बॉर्डर पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जहाँ किसान अपनी स्थिति बनाए हुए हैं और अधिकारी दोनों पक्षों को संतुष्ट करने वाले समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।