📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Crops for the Future
कृषि
किसान पैनल ने गुजरात के सबसे बड़े सहकारी शुगर मिल पर कब्जा, बीजेपी का 20 साल का शासन समाप्त
✍️ The Indian Express
🗓 20 अग. 2026, 01:39 AM
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किसान पैनल ने गुजरात के सबसे बड़े सहकारी शुगर मिल का प्रबंधन संभाल लिया, जिससे बीजेपी का 20 साल का शासन समाप्त हुआ।
पिछले हफ्ते स्थानीय शुगरकेन किसान पैनल ने गुजरात के सबसे बड़े सहकारी शुगर मिल का प्रबंधन संभाल लिया, जिससे 20 साल से बीजेडी के नेतृत्व में चल रहे बोर्ड को हटाया गया। यह मिल राज्य में सबसे अधिक शुगरकेन प्रोसेस करती है और आसपास के हजारों किसानों की आय का मुख्य स्रोत है।
बीजेडी के दो दशकों के नियंत्रण को कई किसानों ने पार्टी के हितों को प्राथमिकता देने और संचालन में दक्षता की कमी के रूप में आलोचना की थी। किसान पैनल ने राज्य कृषि विभाग और मिल के ट्रस्टीज के साथ कई बैठकों के बाद अधिकारों का हस्तांतरण सुनिश्चित किया, जिसमें किसानों के प्रतिनिधियों को बोर्ड का नियंत्रण मिला।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव किसान‑केन्द्रित नीतियों को बढ़ावा देगा, जिससे लाभांश में वृद्धि और उत्पादन में आधुनिक तकनीक अपनाने की संभावना है। यह घटना गुजरात के कृषि संस्थानों में दीर्घकालिक राजनीतिक प्रभाव को चुनौती देती दिखती है।
नया बोर्ड पारदर्शिता और सदस्यों को बेहतर रिटर्न देने का वादा कर रहा है, जबकि बीजेडी ने अभी तक इस बदलाव पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
बीजेडी के दो दशकों के नियंत्रण को कई किसानों ने पार्टी के हितों को प्राथमिकता देने और संचालन में दक्षता की कमी के रूप में आलोचना की थी। किसान पैनल ने राज्य कृषि विभाग और मिल के ट्रस्टीज के साथ कई बैठकों के बाद अधिकारों का हस्तांतरण सुनिश्चित किया, जिसमें किसानों के प्रतिनिधियों को बोर्ड का नियंत्रण मिला।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव किसान‑केन्द्रित नीतियों को बढ़ावा देगा, जिससे लाभांश में वृद्धि और उत्पादन में आधुनिक तकनीक अपनाने की संभावना है। यह घटना गुजरात के कृषि संस्थानों में दीर्घकालिक राजनीतिक प्रभाव को चुनौती देती दिखती है।
नया बोर्ड पारदर्शिता और सदस्यों को बेहतर रिटर्न देने का वादा कर रहा है, जबकि बीजेडी ने अभी तक इस बदलाव पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।