📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Candra Firmansyah
कृषि
किसान नरेश मीणा ने जलावाड़ के कामखेड़ा बालाजी मंदिर से 150‑200 लोगों के साथ बाइक रैली शुरू की
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 03 अक्टू. 2026, 08:15 AM
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जुलाई के शुक्रवार सुबह जलावाड़ के कामखेड़ा बालाजी मंदिर से शुरू हुई नरेश मीणा की ‘किसान हुंकार’ बाइक रैली में लगभग 150‑200 लोग, 50‑60 मोटरसाइकिलें और कुछ निजी गाड़ियाँ शामिल हुईं।
एक किसान‑नेतृत्व वाली ‘किसान हुंकार’ रैली जलावाड़ के कामखेड़ा बालाजी मंदिर परिसर से शुक्रवार सुबह नरेश मीणा के नेतृत्व में निकाली गई। यह रैली कृषि संबंधी विभिन्न समस्याओं को उजागर करने और बारां कलेक्टरेट की ओर जाने से पहले समर्थन जुटाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
आयोजकों के अनुसार, लगभग 150‑200 लोग इस यात्रा में शामिल हुए, जिनमें 50‑60 मोटरसाइकिलें और पाँच‑छह निजी गाड़ियाँ थीं। सवारों ने हेल्मेट पहना और ऋण माफी, बेहतर सिंचाई और उचित खरीद मूल्य जैसी मांगों को दर्शाते बैनर लगाए।
रैली का तात्कालिक लक्ष्य बारां कलेक्टरेट पहुँचना था, जहाँ किसान जिला अधिकारियों को एक याचिका प्रस्तुत करने की योजना बना रहे हैं। प्रदर्शन शांति‑पूर्ण रहा, जबकि अधिकारियों को अग्रिम सूचना दी गई थी और टाउन के मुख्य मार्गों पर ट्रैफ़िक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने कदम उठाए।
यह आयोजन राजस्थान में चल रही किसान आंदोलन की निरंतरता को दर्शाता है, जहाँ मौसमी कठिनाइयों और नीतिगत देरी ने कई स्थानीय विरोधों को जन्म दिया है। अब देखा जाएगा कि बारां के अधिकारी रैली में उठाए गए मुद्दों पर किस हद तक प्रतिक्रिया देंगे।
आयोजकों के अनुसार, लगभग 150‑200 लोग इस यात्रा में शामिल हुए, जिनमें 50‑60 मोटरसाइकिलें और पाँच‑छह निजी गाड़ियाँ थीं। सवारों ने हेल्मेट पहना और ऋण माफी, बेहतर सिंचाई और उचित खरीद मूल्य जैसी मांगों को दर्शाते बैनर लगाए।
रैली का तात्कालिक लक्ष्य बारां कलेक्टरेट पहुँचना था, जहाँ किसान जिला अधिकारियों को एक याचिका प्रस्तुत करने की योजना बना रहे हैं। प्रदर्शन शांति‑पूर्ण रहा, जबकि अधिकारियों को अग्रिम सूचना दी गई थी और टाउन के मुख्य मार्गों पर ट्रैफ़िक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने कदम उठाए।
यह आयोजन राजस्थान में चल रही किसान आंदोलन की निरंतरता को दर्शाता है, जहाँ मौसमी कठिनाइयों और नीतिगत देरी ने कई स्थानीय विरोधों को जन्म दिया है। अब देखा जाएगा कि बारां के अधिकारी रैली में उठाए गए मुद्दों पर किस हद तक प्रतिक्रिया देंगे।