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फर्रुखाबाद: बघार नाले में नहाने गए 12 वर्षीय अनाथ बालक की डूबने से मौत, परिवार में पसरा मातम
फर्रुखाबाद के मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव गढ़िया ढिलावल में बघार नाले में नहाने गए 12 वर्षीय अनाथ बालक अनिकेत की डूबने से मौत हो गई। इस घटना से परिजनों और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
जनपद फर्रुखाबाद के मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव गढ़िया ढिलावल निवासी 12 वर्षीय अनिकेत गांव के पास स्थित बघार नाले में अन्य बच्चों के साथ नहाने गया था। नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूब गया। साथ मौजूद बच्चों ने तुरंत भागकर गांव पहुंचकर परिजनों को घटना की सूचना दी।
सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे। अनिकेत के बाबा संजय कुमार स्थानीय गोताखोरों के साथ पोते की तलाश में खुद नाले में कूद पड़े। लगभग दो से ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अनिकेत के शरीर को पानी से बाहर निकाला जा सका।
परिजनों आनन-फानन में अनिकेत को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रदीप राजपूत ने चिकित्सीय परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को मोर्चरी में रखवाकर पुलिस को आवश्यक कानूनी कार्रवाई व पोस्टमार्टम हेतु सूचित किया गया।
मृतक के बाबा संजय कुमार ने बताया कि अनिकेत के माता-पिता का लगभग 5 वर्ष पूर्व ही देहांत हो चुका था। वह अपनी 15 वर्षीया बहन नंदनी और 8 वर्षीया बहन ओमवती का इकलौता भाई था। मासूम की अकाल मृत्यु से दोनों बहनों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है तथा पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे। अनिकेत के बाबा संजय कुमार स्थानीय गोताखोरों के साथ पोते की तलाश में खुद नाले में कूद पड़े। लगभग दो से ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अनिकेत के शरीर को पानी से बाहर निकाला जा सका।
परिजनों आनन-फानन में अनिकेत को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रदीप राजपूत ने चिकित्सीय परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को मोर्चरी में रखवाकर पुलिस को आवश्यक कानूनी कार्रवाई व पोस्टमार्टम हेतु सूचित किया गया।
मृतक के बाबा संजय कुमार ने बताया कि अनिकेत के माता-पिता का लगभग 5 वर्ष पूर्व ही देहांत हो चुका था। वह अपनी 15 वर्षीया बहन नंदनी और 8 वर्षीया बहन ओमवती का इकलौता भाई था। मासूम की अकाल मृत्यु से दोनों बहनों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है तथा पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।