📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
अपराध
मध्य प्रदेश विधानसभा में फर्जी IAS प्रमाणपत्र का दिखा खुलासा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 01 सित. 2026, 01:36 PM
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मध्य प्रदेश विधानसभा में फर्जी IAS प्रमाणपत्र का घेरा देखा गया, जिससे सत्यापन और कानूनी कार्रवाई की मांग उठी।
मध्य प्रदेश विधानसभा में एक दस्तावेज़ दिखा, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का प्रमाणपत्र होने का दावा करता था, लेकिन वह नकली प्रतीत हुआ। यह प्रमाणपत्र सदस्यों के बीच घूमता देखा गया, जिससे उसकी वैधता पर तुरंत सवाल उठे।
विधानसभा के अधिकारियों ने इस मुद्दे को नोट किया और राज्य के सिविल सर्विसेज विभाग से मिलकर दस्तावेज़ की जाँच करने का निर्देश दिया। प्रारम्भिक जांच में यह पता चला है कि प्रमाणपत्र का फॉर्मेट यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन द्वारा जारी आधिकारिक फॉर्मेट से मेल नहीं खाता।
यदि यह प्रमाणपत्र नकली साबित होता है, तो इसे भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम और संबंधित कानूनों के तहत आपराधिक मामला माना जा सकता है। पुलिस इस दस्तावेज़ के स्रोत और इसे घुमाने वाले व्यक्तियों की पहचान करने के लिए जांच शुरू करेगी।
यह घटना सार्वजनिक मंचों में प्रस्तुत आधिकारिक दस्तावेज़ों की सत्यता की कड़ी जाँच की आवश्यकता पर चर्चा को भी उजागर करती है, खासकर उन संस्थानों में जहाँ विश्वसनीयता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विधानसभा के अधिकारियों ने इस मुद्दे को नोट किया और राज्य के सिविल सर्विसेज विभाग से मिलकर दस्तावेज़ की जाँच करने का निर्देश दिया। प्रारम्भिक जांच में यह पता चला है कि प्रमाणपत्र का फॉर्मेट यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन द्वारा जारी आधिकारिक फॉर्मेट से मेल नहीं खाता।
यदि यह प्रमाणपत्र नकली साबित होता है, तो इसे भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम और संबंधित कानूनों के तहत आपराधिक मामला माना जा सकता है। पुलिस इस दस्तावेज़ के स्रोत और इसे घुमाने वाले व्यक्तियों की पहचान करने के लिए जांच शुरू करेगी।
यह घटना सार्वजनिक मंचों में प्रस्तुत आधिकारिक दस्तावेज़ों की सत्यता की कड़ी जाँच की आवश्यकता पर चर्चा को भी उजागर करती है, खासकर उन संस्थानों में जहाँ विश्वसनीयता अत्यंत महत्वपूर्ण है।