🔥 ट्रेंडिंग बोधागाँव में बिना जाति भेद के चला ख्वा... उज्जैन में हुई बारिश से गर्मी से मिली... पथवारी जोबनेर माता मंदिर हिंडौन सिटी টালা বারোয়ারি পুজোতে বিজেপি নেতা সপ্তস... ਸਾਬਕਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸੰਜੇ ਵਰਮਾ ਬੇਲੇ ਵਾਲੇ ਨੇ ਰਾ... बैतूल के भाडरीढाना में दूध‑केला नाश्ते...
16 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
बिना अनुमति के चलने वाले कारखानों को अपराध घोषित, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तुरंत बंद करने का अधिकार
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Neil Owen 
अपराध

बिना अनुमति के चलने वाले कारखानों को अपराध घोषित, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तुरंत बंद करने का अधिकार

✍️ Live Law 🗓 16 अक्टू. 2026, 09:46 PM 👁 14
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

बिना कानूनी अनुमति के कारखाना चलाना अब आपराधिक माना गया है, और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तुरंत बंद करने का अधिकार है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक कानूनी मंजूरी के बिना औद्योगिक इकाई चलाना मौजूदा पर्यावरणीय अधिनियमों के तहत आपराधिक कृत्य माना जाएगा। यह व्याख्या निर्माताओं को उत्पादन शुरू करने से पहले सभी आवश्यक परमिट प्राप्त करने की आवश्यकता को सुदृढ़ करती है।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (पीसीबी) को अब गैर‑अनुपालन कारखानों के खिलाफ तुरंत बंद आदेश जारी करने का स्पष्ट अधिकार दिया गया है। यदि बोर्ड को पता चलता है कि इकाई अवैध रूप से चल रही है और पर्यावरण या सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा है, तो वे पूर्व सूचना के बिना कार्रवाई कर सकते हैं।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय प्रवर्तन को मजबूत करने और अवैध औद्योगिक गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से है, जो देश भर में वायु और जल प्रदूषण में योगदान देती रही हैं। उल्लंघन करने वाली कंपनियों को अभियोजन, जुर्माना और उपकरणों की जब्ती का सामना करना पड़ सकता है।

यह निर्णय अनुपालन जांचों की लहर को प्रेरित करने की संभावना रखता है, क्योंकि नियामक सभी कारखानों को निर्धारित पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण को तेज करेंगे।
📲Get App