📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Simranpreet Singh Gill
राजनीति
बठिंडा शहरी सीट पर हिंदू चेहरे की तलाश में दलों की गुटबाजी तेज
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 03 सित. 2026, 12:17 PM
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पंजाब के बठिंडा जिले में प्रमुख दल बठिंडा शहरी विधानसभा सीट के लिए हिंदू उम्मीदवार की तलाश में तीव्र गुटबाजी में लगे हैं।
बठिंडा शहरी विधानसभा क्षेत्र, मालवा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच तनाव का केंद्र बन गया है। सभी मुख्य दल ऐसे उम्मीदवार की तलाश में हैं जो हिन्दू मतदाताओं को आकर्षित कर सके, जिसे जीत की कुंजी माना जा रहा है।
पार्टी नेतृत्व के निकटतम स्रोतों के अनुसार, आंतरिक गुटों के बीच प्रभाव के लिए तीव्र प्रतिस्पर्धा चल रही है, जहाँ प्रत्येक गुट अपना पसंदीदा चेहरा आगे रख रहा है और विरोधी गुट को नामांकन से बाहर रखने की कोशिश कर रहा है। ‘हिंदू चेहरे’ की खोज ने मौजूदा मतभेदों को और बढ़ा दिया है, जिससे पार्टी के भीतर बातचीत एक उच्च दांव वाली लड़ाई में बदल गई है।
यह संघर्ष केवल एक सीट तक सीमित नहीं है; जिले में कुल छह विधानसभा सीटें हैं और इन सभी में समान गुटबाजी की लहर देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अंतः‑पार्टी टकराव जारी रहा तो बठिंडा में दलों की कुल वोट शक्ति कमजोर पड़ सकती है, जिससे मालवा क्षेत्र की राजनीतिक समीकरण बदल सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा है कि इन आंतरिक लड़ाइयों का परिणाम पंजाब के अन्य हिन्दू‑बहुल क्षेत्रों में उम्मीदवार चयन की रणनीति को भी प्रभावित करेगा, जिससे बठिंडा शहरी सीट पूरे राज्य में एक संकेतक बन जाएगी।
पार्टी नेतृत्व के निकटतम स्रोतों के अनुसार, आंतरिक गुटों के बीच प्रभाव के लिए तीव्र प्रतिस्पर्धा चल रही है, जहाँ प्रत्येक गुट अपना पसंदीदा चेहरा आगे रख रहा है और विरोधी गुट को नामांकन से बाहर रखने की कोशिश कर रहा है। ‘हिंदू चेहरे’ की खोज ने मौजूदा मतभेदों को और बढ़ा दिया है, जिससे पार्टी के भीतर बातचीत एक उच्च दांव वाली लड़ाई में बदल गई है।
यह संघर्ष केवल एक सीट तक सीमित नहीं है; जिले में कुल छह विधानसभा सीटें हैं और इन सभी में समान गुटबाजी की लहर देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अंतः‑पार्टी टकराव जारी रहा तो बठिंडा में दलों की कुल वोट शक्ति कमजोर पड़ सकती है, जिससे मालवा क्षेत्र की राजनीतिक समीकरण बदल सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा है कि इन आंतरिक लड़ाइयों का परिणाम पंजाब के अन्य हिन्दू‑बहुल क्षेत्रों में उम्मीदवार चयन की रणनीति को भी प्रभावित करेगा, जिससे बठिंडा शहरी सीट पूरे राज्य में एक संकेतक बन जाएगी।