📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / No machine-readable author provided. Soman assumed
बिज़नेस
फैक्ट‑चेक: केरल कांग्रेस के ₹146 यूपीआई डीज़ल चार्ज की वास्तविक राशि ₹5, पीसीआई ने कहा
✍️ Livemint
🗓 17 सित. 2026, 10:01 PM
👁 11
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने केरल कांग्रेस के इस दावे की जांच की कि ₹30,924 के डीज़ल भुगतान पर यूपीआई चार्ज ₹146 था, जबकि वास्तविक शुल्क ₹5 है।
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने केरल कांग्रेस द्वारा किए गए उस बयान को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि ₹30,924 के डीज़ल भुगतान पर यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) ₹146 था। PCI के तथ्य‑जांच में बताया गया कि इस तरह के लेन‑देन पर मानक यूपीआई MDR केवल ₹5 है, जो पार्टी द्वारा दिये गये आंकड़े से काफी कम है।
केरल कांग्रेस ने इस उच्च शुल्क को उजागर कर डिजिटल भुगतान की लागत और भुगतान प्रणाली में संभावित अनियमितताओं को सवाल में डालने की कोशिश की थी। PCI ने लेन‑देन विवरण और मौजूदा यूपीआई शुल्क संरचना की समीक्षा करके इस न्यूनतम शुल्क की पुष्टि की।
यह स्पष्टीकरण भारत में डिजिटल भुगतान शुल्क की बढ़ती जांच के बीच आया है, जहाँ उपभोक्ता और राजनीतिक समूह प्लेटफ़ॉर्म जैसे यूपीआई के उच्च‑मूल्य लेन‑देन पर लागत की पारदर्शिता चाहते हैं।
PCI के निष्कर्ष दर्शाते हैं कि यूपीआई नेटवर्क अभी भी न्यूनतम MDR के साथ काम कर रहा है, जो सरकार की नीति के अनुरूप है कि अंत उपयोगकर्ताओं के लिए डिजिटल लेन‑देन की लागत कम रखी जाए।
तथ्य‑जांच का उद्देश्य गलत सूचना को रोकना और भुगतान नीतियों पर सार्वजनिक चर्चा को सटीक डेटा पर आधारित करना है।
केरल कांग्रेस ने इस उच्च शुल्क को उजागर कर डिजिटल भुगतान की लागत और भुगतान प्रणाली में संभावित अनियमितताओं को सवाल में डालने की कोशिश की थी। PCI ने लेन‑देन विवरण और मौजूदा यूपीआई शुल्क संरचना की समीक्षा करके इस न्यूनतम शुल्क की पुष्टि की।
यह स्पष्टीकरण भारत में डिजिटल भुगतान शुल्क की बढ़ती जांच के बीच आया है, जहाँ उपभोक्ता और राजनीतिक समूह प्लेटफ़ॉर्म जैसे यूपीआई के उच्च‑मूल्य लेन‑देन पर लागत की पारदर्शिता चाहते हैं।
PCI के निष्कर्ष दर्शाते हैं कि यूपीआई नेटवर्क अभी भी न्यूनतम MDR के साथ काम कर रहा है, जो सरकार की नीति के अनुरूप है कि अंत उपयोगकर्ताओं के लिए डिजिटल लेन‑देन की लागत कम रखी जाए।
तथ्य‑जांच का उद्देश्य गलत सूचना को रोकना और भुगतान नीतियों पर सार्वजनिक चर्चा को सटीक डेटा पर आधारित करना है।