📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / NaanCoder
कृषि
विशेषज्ञों ने तमिलनाडु में अनगिनत कावेरी जल प्रवाह पर सवाल उठाए
✍️ The New Indian Express
🗓 08 सित. 2026, 10:33 AM
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जल विशेषज्ञों ने कावेरी नदी के ऐसे हिस्से के प्रवाह को लेकर चिंता जताई है, जो तमिलनाडु में बिना हिसाब के बह रहा है।
कावेरी जल‑वाटाबंटन समझौता, जो कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच 2007 में संशोधित हुआ, अब विशेषज्ञों द्वारा उठाए गए एक नए मुद्दे के कारण फिर से जांच के दायरे में है। उन्होंने बताया कि नदी का कुछ प्रवाह आधिकारिक आवंटन रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है और सीधे तमिलनाडु में पहुँच रहा है।
हाइड्रोलॉजिस्ट और नीति विश्लेषकों ने उपग्रह छवियों तथा नदी‑स्तर मापों के आधार पर कहा है कि मानसून के महीनों में अतिरिक्त जल तमिलनाडु के जल‑भंडार में प्रवेश कर रहा है, जिससे कर्नाटक के सिंचाई प्रोजेक्टों पर असर पड़ सकता है और न्यायाधिकरण के फैसले की पूर्ति पर सवाल उठते हैं।
इन विशेषज्ञों ने प्रवाह डेटा का स्वतंत्र ऑडिट और आधिकारिक रिकॉर्ड के साथ वास्तविक मापों को मिलाने के लिए पारदर्शी तंत्र की मांग की है। दोनों राज्यों के अधिकारियों ने इस चिंता को स्वीकार किया है और अगले जल‑वाटाबंटन वार्ता से पहले इन निष्कर्षों की समीक्षा करने का आश्वासन दिया है।
हाइड्रोलॉजिस्ट और नीति विश्लेषकों ने उपग्रह छवियों तथा नदी‑स्तर मापों के आधार पर कहा है कि मानसून के महीनों में अतिरिक्त जल तमिलनाडु के जल‑भंडार में प्रवेश कर रहा है, जिससे कर्नाटक के सिंचाई प्रोजेक्टों पर असर पड़ सकता है और न्यायाधिकरण के फैसले की पूर्ति पर सवाल उठते हैं।
इन विशेषज्ञों ने प्रवाह डेटा का स्वतंत्र ऑडिट और आधिकारिक रिकॉर्ड के साथ वास्तविक मापों को मिलाने के लिए पारदर्शी तंत्र की मांग की है। दोनों राज्यों के अधिकारियों ने इस चिंता को स्वीकार किया है और अगले जल‑वाटाबंटन वार्ता से पहले इन निष्कर्षों की समीक्षा करने का आश्वासन दिया है।