स्थानीय
एटा जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण और अवैध कब्जा मुक्ति के दिए निर्देश
15 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने लंबित राजस्व वादों के प्राथमिकता आधारित निस्तारण, सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने, कर‑करेत्तर राजस्व वसूली में तेजी लाने एवं त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एटा 15 अक्टूबर को जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व कार्यों, एंटी भू‑माफिया अभियान, कर‑करेत्तर राजस्व वसूली एवं खाद्य सुरक्षा की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने लंबित राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण, सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने, राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुराने राजस्व वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। धारा 24, धारा 67 एवं धारा 116 के अंतर्गत लंबित वादों की नियमित समीक्षा करते हुए उनके निस्तारण में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि कुरा‑बंटवारा, नाम संशोधन, नामांतरण, पैमाइश सहित राजस्व से संबंधित किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। जिलाधिकारी ने रास्तों, चारागाह, तालाब एवं अन्य सार्वजनिक व सरकारी संपत्तियों पर किए गए अवैध कब्जों को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि संबंधित खंड विकास अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान चलाया जाए। अतिक्रमण हटाने के साथ ही मनरेगा के माध्यम से आवश्यक मिट्टी संबंधी कार्य कराकर भूमि को तत्काल कब्जामुक्त कराया जाए, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए सुनिश्चित हो सके।
बैठक में स्टाम्प एवं निबंधन, वाणिज्य कर, कृषि विपणन, नगर पालिका, खनन, आबकारी, परिवहन सहित विभिन्न विभागों के कर‑करेत्तर राजस्व की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप राजस्व वसूली सुनिश्चित करने तथा प्रवर्तन कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व संग्रह में अपेक्षित प्रगति के लिए नियमित समीक्षा एवं प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है। बैठक में अनुपस्थित विद्युत विभाग के संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए।
आगामी त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग को लगातार अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसील वार खाद्य सुरक्षा निरीक्षकों के माध्यम से सघन निरीक्षण एवं सैंपलिंग कराई जाए। विशेष रूप से मिठाई, घी, दूध तथा दूध से बने अन्य खाद्य पदार्थों की नियमित जांच करते हुए मिलावट पाए जाने पर नियमानुसार प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होंने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अजय नारायण सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक रमेश मौर्य, समस्त तहसीलों के उप जिलाधिकारी, अपर उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक, नायब तहसीलदार तथा राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुराने राजस्व वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। धारा 24, धारा 67 एवं धारा 116 के अंतर्गत लंबित वादों की नियमित समीक्षा करते हुए उनके निस्तारण में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि कुरा‑बंटवारा, नाम संशोधन, नामांतरण, पैमाइश सहित राजस्व से संबंधित किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। जिलाधिकारी ने रास्तों, चारागाह, तालाब एवं अन्य सार्वजनिक व सरकारी संपत्तियों पर किए गए अवैध कब्जों को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि संबंधित खंड विकास अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान चलाया जाए। अतिक्रमण हटाने के साथ ही मनरेगा के माध्यम से आवश्यक मिट्टी संबंधी कार्य कराकर भूमि को तत्काल कब्जामुक्त कराया जाए, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए सुनिश्चित हो सके।
बैठक में स्टाम्प एवं निबंधन, वाणिज्य कर, कृषि विपणन, नगर पालिका, खनन, आबकारी, परिवहन सहित विभिन्न विभागों के कर‑करेत्तर राजस्व की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप राजस्व वसूली सुनिश्चित करने तथा प्रवर्तन कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व संग्रह में अपेक्षित प्रगति के लिए नियमित समीक्षा एवं प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है। बैठक में अनुपस्थित विद्युत विभाग के संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए।
आगामी त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग को लगातार अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसील वार खाद्य सुरक्षा निरीक्षकों के माध्यम से सघन निरीक्षण एवं सैंपलिंग कराई जाए। विशेष रूप से मिठाई, घी, दूध तथा दूध से बने अन्य खाद्य पदार्थों की नियमित जांच करते हुए मिलावट पाए जाने पर नियमानुसार प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होंने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अजय नारायण सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक रमेश मौर्य, समस्त तहसीलों के उप जिलाधिकारी, अपर उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक, नायब तहसीलदार तथा राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।