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एटा: आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर डीएम एम. अरुन्मोली ने जताई नाराजगी, एडीओ पंचायत का वेतन रोकने के निर्देश
एटा जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। जैथरा प्रकरण में संतोषजनक आख्या न मिलने पर एडीओ पंचायत का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
एटा जिले में आईजीआरएस (एकीकृत लोक शिकायत निवारण प्रणाली) शिकायतों के प्रति लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी (डीएम) एम. अरुन्मोली ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस, सीएम डैशबोर्ड तथा विकास एवं निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक के दौरान, डीएम ने असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त होने वाली शिकायतों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिकायतों का स्थलीय सत्यापन कराएं और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। विशेष रूप से जैथरा के एक प्रकरण में संतोषजनक आख्या प्रस्तुत न होने पर, डीएम ने तत्काल एडीओ पंचायत का वेतन रोकने के आदेश जारी किए।
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में सुधार लाने, विद्युत आपूर्ति को सुचारू रखने, फैमिली आईडी बनवाने की प्रक्रिया में तेजी लाने, 15वें वित्त आयोग की धनराशि का नियमानुसार व्यय सुनिश्चित करने तथा महिला कल्याण एवं उद्योग विभाग के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। निर्माण कार्यों में अतिरिक्त मानव संसाधन लगाकर परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। अनुपस्थित पाए गए सीएंडडीएस मैनेजर का वेतन रोकने और इस संबंध में शासन को पत्र भेजने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं, जनशिकायतों और चल रहे निर्माण कार्यों की नियमित रूप से निगरानी करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हो, ताकि विकास कार्यों में गतिशीलता बनी रहे और नागरिकों को समय पर लाभ मिल सके।
समीक्षा बैठक के दौरान, डीएम ने असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त होने वाली शिकायतों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिकायतों का स्थलीय सत्यापन कराएं और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। विशेष रूप से जैथरा के एक प्रकरण में संतोषजनक आख्या प्रस्तुत न होने पर, डीएम ने तत्काल एडीओ पंचायत का वेतन रोकने के आदेश जारी किए।
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में सुधार लाने, विद्युत आपूर्ति को सुचारू रखने, फैमिली आईडी बनवाने की प्रक्रिया में तेजी लाने, 15वें वित्त आयोग की धनराशि का नियमानुसार व्यय सुनिश्चित करने तथा महिला कल्याण एवं उद्योग विभाग के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। निर्माण कार्यों में अतिरिक्त मानव संसाधन लगाकर परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। अनुपस्थित पाए गए सीएंडडीएस मैनेजर का वेतन रोकने और इस संबंध में शासन को पत्र भेजने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं, जनशिकायतों और चल रहे निर्माण कार्यों की नियमित रूप से निगरानी करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हो, ताकि विकास कार्यों में गतिशीलता बनी रहे और नागरिकों को समय पर लाभ मिल सके।