📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Labour and Employment
नौकरी
EPF वेतन सीमा ₹25,000 बढ़ी, अहमदाबाद में 2.25 लाख नए कर्मचारी जुड़ेंगे
✍️ Bhaskar English
🗓 26 सित. 2026, 05:16 PM
👁 14
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) ने वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी है, जिससे अहमदाबाद में 2.25 लाख से अधिक नए कर्मचारियों को सदस्य बनना संभव होगा।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने आज घोषणा की कि कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की वेतन सीमा अब ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दी गई है। यह संशोधन वेतन स्तर में वृद्धि के साथ सामाजिक सुरक्षा कवरेज को विस्तृत करने के उद्देश्य से किया गया है।
नए मानदंड के तहत अहमदाबाद में 2.25 लाख से अधिक कर्मचारियों को EPF में योगदानकर्ता बनने की उम्मीद है। गुजरात के प्रमुख औद्योगिक केंद्र अहमदाबाद में औपचारिक रोजगार में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिससे व्यापक सुरक्षा जाल की आवश्यकता महसूस की गई।
यह कदम मध्यम आय वर्ग के कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति बचत को प्रोत्साहित करने और औपचारिक क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। उच्च वेतन वाले कर्मचारियों को शामिल करके EPF अपने कोष को बढ़ाने और अधिक लाभ प्रदान करने की दिशा में काम कर रहा है।
अहमदाबाद के नियोक्ताओं को नई सीमा के अनुसार वेतन प्रणाली को अपडेट करना होगा और समय पर कटौतियों को सुनिश्चित करना होगा। यह परिवर्तन अगले वित्तीय तिमाही की शुरुआत से लागू होगा, जिससे कंपनियों को थोड़ा समायोजन समय मिलेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह पहल अन्य राज्यों में भी समान संशोधनों को प्रेरित कर सकती है, जिससे भारत की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
नए मानदंड के तहत अहमदाबाद में 2.25 लाख से अधिक कर्मचारियों को EPF में योगदानकर्ता बनने की उम्मीद है। गुजरात के प्रमुख औद्योगिक केंद्र अहमदाबाद में औपचारिक रोजगार में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिससे व्यापक सुरक्षा जाल की आवश्यकता महसूस की गई।
यह कदम मध्यम आय वर्ग के कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति बचत को प्रोत्साहित करने और औपचारिक क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। उच्च वेतन वाले कर्मचारियों को शामिल करके EPF अपने कोष को बढ़ाने और अधिक लाभ प्रदान करने की दिशा में काम कर रहा है।
अहमदाबाद के नियोक्ताओं को नई सीमा के अनुसार वेतन प्रणाली को अपडेट करना होगा और समय पर कटौतियों को सुनिश्चित करना होगा। यह परिवर्तन अगले वित्तीय तिमाही की शुरुआत से लागू होगा, जिससे कंपनियों को थोड़ा समायोजन समय मिलेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह पहल अन्य राज्यों में भी समान संशोधनों को प्रेरित कर सकती है, जिससे भारत की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।