📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pacificintel
अपराध
कैलारस नगर पालिका में 1.41 करोड़ भ्रष्टाचार जांच में ईओडब्ल्यू ने दस्तावेज़ जब्त किए
✍️ Amar Ujala · Gwalior
🗓 08 अक्टू. 2026, 07:01 PM
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गुरुवार ईओडब्ल्यू की पाँच सदस्यीय टीम ने कैलारस नगर पालिका के कार्यालय में जाकर 1.41 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज़ जब्त किए।
मध्य प्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कैलारस नगर पालिका के कार्यालय में गुरुवार को एक तीव्र जांच कार्रवाई की, जिसमें लगभग 1.41 करोड़ रुपये के वित्तीय अनियमितता के संदेह पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह जांच उन पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों पर आधारित है, जिन पर नगरपालिका निधियों के दुरुपयोग का आरोप है।
पाँच सदस्यीय टीम ने कार्यालय में प्रवेश कर रिकॉर्ड की जांच की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ जब्त किए, जिनमें वित्तीय बहीखाते, पत्राचार और आंतरिक मेमो शामिल हैं, जो कथित धोखाधड़ी के पैमाने और लाभार्थियों को उजागर करने में मददगार हो सकते हैं।
ईओडब्ल्यू ने बताया कि इन दस्तावेज़ों की विस्तृत फोरेंसिक जांच की जाएगी, ताकि प्रविष्टियों की सत्यता स्थापित की जा सके और किसी भी अवैध लेन‑देनों का पता लगाया जा सके। जांच के परिणामस्वरूप आगे कानूनी कार्रवाई, जिसमें गिरफ्तारी और अभियोजन शामिल हो सकता है, की संभावना जताई गई है।
यह कार्रवाई स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार को रोकने के लिए राज्य सरकार की नई प्रतिबद्धता को दर्शाती है, और ईओडब्ल्यू ने सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग के मामलों में तेज़ और पारदर्शी जांच का वादा किया है।
पाँच सदस्यीय टीम ने कार्यालय में प्रवेश कर रिकॉर्ड की जांच की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ जब्त किए, जिनमें वित्तीय बहीखाते, पत्राचार और आंतरिक मेमो शामिल हैं, जो कथित धोखाधड़ी के पैमाने और लाभार्थियों को उजागर करने में मददगार हो सकते हैं।
ईओडब्ल्यू ने बताया कि इन दस्तावेज़ों की विस्तृत फोरेंसिक जांच की जाएगी, ताकि प्रविष्टियों की सत्यता स्थापित की जा सके और किसी भी अवैध लेन‑देनों का पता लगाया जा सके। जांच के परिणामस्वरूप आगे कानूनी कार्रवाई, जिसमें गिरफ्तारी और अभियोजन शामिल हो सकता है, की संभावना जताई गई है।
यह कार्रवाई स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार को रोकने के लिए राज्य सरकार की नई प्रतिबद्धता को दर्शाती है, और ईओडब्ल्यू ने सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग के मामलों में तेज़ और पारदर्शी जांच का वादा किया है।