📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
अपराध
ईओडब्ल्यू ने पीडब्ल्यूडी इंजीनियर केके सिंगारे पर छापेमारी, 11 साल बाद फिर सुर्खियों में
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 03 सित. 2026, 01:17 PM
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आर्थिक अपराध विंग ने मध्यप्रदेश के पीडब्ल्यूडी इंजीनियर केके सिंगारे पर छापेमारी की, जो 11 साल पहले कलेक्टर को थप्पड़ मारने के कांड से सुर्खियों में थे।
आर्थिक अपराध विंग (EOW) ने मध्यप्रदेश सार्वजनिक कार्य विभाग (PWD) में कार्यरत इंजीनियर केके सिंगारे के निवास पर अचानक छापेमारी की। यह कार्रवाई सुबह के शुरुआती घंटों में की गई, जिसमें फोरेंसिक और वित्तीय जांचकर्ता दस्तावेज़ व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्ती के लिए ले गए।
सिंगारे लगभग ग्यारह साल पहले तब सुर्खियों में आए जब दतिया में कलेक्टर के साथ उनके विवाद में एक थप्पड़ की घटना हुई, जिसने राज्य भर में चर्चा को जन्म दिया। तब से वह एक सामान्य सरकारी अधिकारी के रूप में कार्य करते रहे, और कोई बड़ी समस्या नहीं उभरी थी, जब तक कि इस हालिया छापेमारी ने उन्हें फिर से प्रकाश में नहीं लाया।
जांच के सटीक कारणों को अभी तक प्रकट नहीं किया गया है, परन्तु EOW की भागीदारी यह संकेत देती है कि सार्वजनिक कार्य अनुबंधों से जुड़ी आर्थिक अनियमितताओं या दुरुपयोग की जांच चल रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह जब्ती चल रहे आर्थिक अपराधों की जांच का हिस्सा है।
इस छापेमारी ने सिंगारे के पिछले कांड को फिर से सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है और वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। अभी तक कोई औपचारिक आरोप नहीं लगाए गए हैं, और आगे की जांच के परिणामों के साथ मामला विकसित होगा।
सिंगारे लगभग ग्यारह साल पहले तब सुर्खियों में आए जब दतिया में कलेक्टर के साथ उनके विवाद में एक थप्पड़ की घटना हुई, जिसने राज्य भर में चर्चा को जन्म दिया। तब से वह एक सामान्य सरकारी अधिकारी के रूप में कार्य करते रहे, और कोई बड़ी समस्या नहीं उभरी थी, जब तक कि इस हालिया छापेमारी ने उन्हें फिर से प्रकाश में नहीं लाया।
जांच के सटीक कारणों को अभी तक प्रकट नहीं किया गया है, परन्तु EOW की भागीदारी यह संकेत देती है कि सार्वजनिक कार्य अनुबंधों से जुड़ी आर्थिक अनियमितताओं या दुरुपयोग की जांच चल रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह जब्ती चल रहे आर्थिक अपराधों की जांच का हिस्सा है।
इस छापेमारी ने सिंगारे के पिछले कांड को फिर से सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है और वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। अभी तक कोई औपचारिक आरोप नहीं लगाए गए हैं, और आगे की जांच के परिणामों के साथ मामला विकसित होगा।