📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gunjan Raj Giri
अपराध
EOU ने बिहार बिल्डिंग कॉरपोरेशन के कई ठिकानों पर छापा, जीएम कमलेश कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज
✍️ Amar Ujala · Muzaffarpur
🗓 22 सित. 2026, 11:01 AM
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आर्थिक अपराध इकाई ने बिहार राज्य भवन निर्माण निगम के चार ठिकानों पर एक साथ छापा मारते हुए तकनीकी महाप्रबंधक कमलेश कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया।
मुजफ्फरपुर, बिहार – भ्रष्टाचार विरोधी एक समन्वित अभियान में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के चार ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। इस कार्रवाई में निगम के तकनीकी महाप्रबंधक कमलेश कुमार से जुड़े कार्यालयों और आवासों को लक्ष्य बनाया गया।
जांच के दौरान, अधिकारियों ने दस्तावेज़, वित्तीय रिकॉर्ड और मूल्यवान वस्तुएँ बरामद कीं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि कुमार ने अपने घोषित आय से कहीं अधिक संपत्ति रखी है। इस सबूत के आधार पर, EOU ने उनके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया, जो भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत दंडनीय है।
यह कदम राज्य सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जांच के चलने के कारण अधिकारियों ने बरामद वस्तुओं के विवरण पर टिप्पणी नहीं की। कुमार ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
यह मामला हाल ही में राज्य के निर्माण और बुनियादी ढाँचा एजेंसियों में हुए कई अनियमितताओं की जांचों में जुड़ता है, जो सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
जांच के दौरान, अधिकारियों ने दस्तावेज़, वित्तीय रिकॉर्ड और मूल्यवान वस्तुएँ बरामद कीं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि कुमार ने अपने घोषित आय से कहीं अधिक संपत्ति रखी है। इस सबूत के आधार पर, EOU ने उनके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया, जो भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत दंडनीय है।
यह कदम राज्य सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जांच के चलने के कारण अधिकारियों ने बरामद वस्तुओं के विवरण पर टिप्पणी नहीं की। कुमार ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
यह मामला हाल ही में राज्य के निर्माण और बुनियादी ढाँचा एजेंसियों में हुए कई अनियमितताओं की जांचों में जुड़ता है, जो सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।