Religion
एम्स-सफदरजंग के बाहर 13 साल से नि:शुल्क भंडारा, गरीब कन्याओं के विवाह तक जारी है सेवा का कारवां
पिता से मिली सेवा की प्रेरणा, पूरे परिवार ने संभाली जनकल्याण की कमान—निशीकांत शर्मा का सेवा अभियान
नई दिल्ली। “करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है… मेरी आपकी कृपा से सब काम हो रहा है…” इसी भावना को अपना आधार बनाकर सुमन सद्भावना संस्था के माध्यम से पंडित निशीकांत शर्मा वर्षों से जरूरतमंदों और असहाय लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं। भोजन से लेकर गरीब कन्याओं के विवाह, तीर्थयात्रा और जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराने तक संस्था लगातार जनकल्याण के कार्य कर रही है।
संस्था की ओर से 1 अगस्त 2013 से एम्स और सफदरजंग अस्पताल के बाहर मरीजों के परिजनों के लिए नि:शुल्क भंडारा निरंतर चलाया जा रहा है। अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों के परिजनों को भोजन उपलब्ध कराने की यह सेवा वर्षों से लगातार जारी है।
इसी क्रम में संस्था द्वारा दिल्ली से गोवर्धन, बरसाना और वृंदावन के लिए नि:शुल्क बस सेवा भी संचालित की जा रही है। संस्था के अनुसार यह सेवा पिछले 71 महीनों से लगातार जारी है। श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों तक पहुंचाने के साथ-साथ संस्था इस सेवा को जनकल्याण का माध्यम मानती है।
सुमन सद्भावना संस्था की ओर से हर वर्ष 10 गरीब कन्याओं के विवाह की व्यवस्था में सहयोग किया जाता है। वहीं सर्दियों के मौसम में हर वर्ष करीब 500 से 1000 जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए जाते हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को ठंड से राहत मिल सके।
पंडित निशीकांत शर्मा का कहना है कि उन्हें जनसेवा और जरूरतमंदों की सहायता करने की प्रेरणा अपने पिता पंडित सुदेशपाल शर्मा जी से मिली। पिता से मिले सेवा संस्कार को उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य बनाया और लगातार समाज के जरूरतमंद वर्ग तक सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस सेवा अभियान में उनकी पत्नी श्रीमती सुषमा शर्मा भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी रहती हैं। उनके पुत्र, पुत्रवधु और बेटी भी पिता द्वारा किए जा रहे जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय रूप से सहयोग करते हैं। कहा जाए तो पूरा शर्मा परिवार ही सेवा और जनकल्याण के इस अभियान में समर्पित भाव से जुटा हुआ है।
पंडित निशीकांत शर्मा का कहना है कि जरूरतमंदों की सेवा का यह अभियान समाज के सहयोग से ही निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सेवाभावी और सक्षम लोगों से संस्था के इन कार्यों में यथासंभव सहयोग करने की अपील की है।
सहयोग एवं जानकारी के लिए संपर्क:
पंडित निशीकांत शर्मा — 9212057151
उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही भोजन, तीर्थयात्रा, कन्या विवाह और जरूरतमंदों की सहायता जैसे सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखना संभव हो पा रहा है।
संस्था की ओर से 1 अगस्त 2013 से एम्स और सफदरजंग अस्पताल के बाहर मरीजों के परिजनों के लिए नि:शुल्क भंडारा निरंतर चलाया जा रहा है। अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों के परिजनों को भोजन उपलब्ध कराने की यह सेवा वर्षों से लगातार जारी है।
इसी क्रम में संस्था द्वारा दिल्ली से गोवर्धन, बरसाना और वृंदावन के लिए नि:शुल्क बस सेवा भी संचालित की जा रही है। संस्था के अनुसार यह सेवा पिछले 71 महीनों से लगातार जारी है। श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों तक पहुंचाने के साथ-साथ संस्था इस सेवा को जनकल्याण का माध्यम मानती है।
सुमन सद्भावना संस्था की ओर से हर वर्ष 10 गरीब कन्याओं के विवाह की व्यवस्था में सहयोग किया जाता है। वहीं सर्दियों के मौसम में हर वर्ष करीब 500 से 1000 जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए जाते हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को ठंड से राहत मिल सके।
पंडित निशीकांत शर्मा का कहना है कि उन्हें जनसेवा और जरूरतमंदों की सहायता करने की प्रेरणा अपने पिता पंडित सुदेशपाल शर्मा जी से मिली। पिता से मिले सेवा संस्कार को उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य बनाया और लगातार समाज के जरूरतमंद वर्ग तक सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस सेवा अभियान में उनकी पत्नी श्रीमती सुषमा शर्मा भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी रहती हैं। उनके पुत्र, पुत्रवधु और बेटी भी पिता द्वारा किए जा रहे जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय रूप से सहयोग करते हैं। कहा जाए तो पूरा शर्मा परिवार ही सेवा और जनकल्याण के इस अभियान में समर्पित भाव से जुटा हुआ है।
पंडित निशीकांत शर्मा का कहना है कि जरूरतमंदों की सेवा का यह अभियान समाज के सहयोग से ही निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सेवाभावी और सक्षम लोगों से संस्था के इन कार्यों में यथासंभव सहयोग करने की अपील की है।
सहयोग एवं जानकारी के लिए संपर्क:
पंडित निशीकांत शर्मा — 9212057151
उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही भोजन, तीर्थयात्रा, कन्या विवाह और जरूरतमंदों की सहायता जैसे सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखना संभव हो पा रहा है।