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22 सित. 2026
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एम्स पटना द्वार 41,वें राष्ट्रीय नेत्र दानपखवाड़ा के अंतर्गत नेत्रदानजागरूकता को लेकर पदयात्रा का आयोजन
स्वास्थ्य

एम्स पटना द्वार 41,वें राष्ट्रीय नेत्र दानपखवाड़ा के अंतर्गत नेत्रदानजागरूकता को लेकर पदयात्रा का आयोजन

✍️ रिपोर्टर: Awanish Kumar 🗓 03 सित. 2026, 06:20 PM 👁 50
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पटना एम्स द्वारा 42वेंट्राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के तहत पदयात्रा का आयोजन जिसमें कई चिकित्सक और कर्मचारी ने भाग लिया

एम्स पटना से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट

एम्स पटना द्वारा 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अंतर्गत नेत्रदाननेतदान जागरूकता पदयात्रा का आयोजन



41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े (25 अगस्त से 8 सितंबर 2026) के अवसर पर नेत्र विज्ञान विभाग, एम्स पटना द्वार नेत्रदान जागरूकता पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा का उद्देश्य आम जनता में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा कॉर्नियल अंधत्व से पीड़ित लोगों की दृष्टि बहाल करने में कॉर्निया प्रत्यारोपण के महत्व के बारे में जागरूक करना था। जागरूकता पदयात्रा का शुभारंभ प्रातः नौ बजे ओपीडी फोयर से हुआ। लगातार हो रही बारिश के कारण पदयात्रा को आईपीडी कनेक्टिंग कॉरिडोर के माध्यम से आईपीडी फोयर तक ले जाया गया। बारिश भी प्रतिभागियों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। पदयात्रा में संस्थान के विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग कर्मियों, आई बैंक काउंसलरों एवं अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत नेत्र विज्ञान विभागाध्यक्ष, प्रो. (डॉ.) अमित राज के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने एम्स पटना नेत्र बैंक की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मई 2025 में आई बैंक की स्थापना के बाद से अब तक 112 नेत्रदान प्राप्त किए जा चुके हैं। प्रो. (डॉ.) अमित राज ने देश में डोनर कॉर्निया की आवश्यकता और उपलब्धता के बीच मौजूद बड़े अंतर पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में कॉर्नियल अंधत्व की समस्या को दूर करने के लिए लगभग 2.5 लाख कॉर्निया की आवश्यकता होती है जबकि वर्तमान में लगभग 50,000 कॉर्निया ही एकत्रित किए जा पाते हैं। उन्होंने इस अंतर को कम करने के लिए जन जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करने की आबश्यकता पर जोर दिया।

कार्यकारी निदेशक, एम्स पटना, प्रो.(ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने जागरूकता पदयात्रा का नेतृत्व किया। उन्होंने आम जनता से नेत्रदान के लिए आगे आने तथा मांग और उपलब्धता के बीच के अंतर को कम करने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने एम्स पटना आई बैंक को कम समय में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने के लिए बधाई दी और इस नेक कार्य के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नेत्रदान एक महान एवं मानवीय कार्य है तथा इसमें जनसहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डीन (एकेडमिक), प्रो. (डॉ.) पूनम भदानी ने आई बैंक टीम एवं नेत्र विज्ञान विभाग को जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई दी तथा नेत्रदान के इस महान कार्य को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

डीन (स्टूडेंट अफेयर्स), प्रो. (डॉ.) रुचि सिन्हा ने देश में नेत्रदान की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि कॉर्नियल अंधत्व के बोझ को कम करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

मेडिकल सुपरिटेंडेंट, प्रो. (डॉ.) प्रशांत कुमार सिंह ने एम्स पटना में आई बैंक की स्थापना तथा मरीजों को सफलतापूर्वक कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए नेत्र विज्ञान विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डोनर कॉर्निया की उपलब्धता बढ़ाने के लिए आम जनता में नेत्रदान के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से मृत्यु के बाद अपने नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील की ताकि उनके द्वारा किया गया यह महान दान कॉर्नियल अंधत्व से पीड़ित लोगों के जीवन में रोशनी ला सके।

जागरूकता पदयात्रा में प्रो. (डॉ.) अनूप कुमार, विभागाध्यक्ष, ऑर्थोपेडिक्स; प्रो. (डॉ.) अजीत कुमार; डॉ. आनंद राय, विभागाध्यक्ष, न्यूरोलॉजी; डॉ. अभ्युदय कुमार; डॉ.नीरज कुमार; प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार, विभागाध्यक्ष, ट्रॉमा सर्जरी; डॉ. राजीव स्वर्ण; डॉ.आसिम सरफराज, चीफ नर्सिंग ऑफिसर; डॉ. रतीश नायर सहित अन्य फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया। नेत्र विज्ञान विभाग की ओर से डॉ.भवेश चंद्र साहा,डॉ. देव कांत एवं डॉ. अमित कुमार सहित अन्य फैकल्टी सदस्य, सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट, नर्सिंग स्टाफ, आई बैंक काउंसलर एवं संस्थान के अन्य कर्मचारी भी पदयात्रा में शामिल हुए।

स्वास्थ्यकर्मियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए एम्स पटना की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। नेत्रदान जागरूकता पदयात्रा के कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय नेत्र विज्ञान विभाग की अपर प्रोफेसर, डॉ. सोनी सिन्हा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से यह सशक्त संदेश दिया गया कि नेत्रदान एक महान मानवीय कार्य है, जो कॉर्नियल अंधत्व से प्रभावित लोगों के जीवन में दृष्टि और आशा ला सकता है। प्रतिभागियों ने आम जनता से आगे आकर नेत्रदान का संकल्प लेने तथा अपने परिवार, मित्रों एवं समुदाय के बीच नेत्रदान के संदेश को फैलाने की अपील की।
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