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22 Sep 2026
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Health

एम्स पटना में सार्वजनिकस्वास्थ्य आपात स्थितियों में क्षमतास्थियों में निःस्वार्थ येमॉर्न कार्यक्रम का आयोजन

✍️ Reporter: Awanish Kumar 🗓 22 Sep 2026, 04:36 PM 👁 9
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एम्स पटना में आपात स्थितियों येमार्नकार्यक्रम का आयोजन का अंतिम चरण शुरू

एम्स पटना से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट

एम्स पटना में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों पर क्षमतास्थितियों में निस्वास्थ येर्माण कार्यक्रम का अंतिम चरण शुरू

पांच राज्यों के जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने लिया प्रशिक्षण में हिस्सा; 10 चरणों में 300 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी हुए प्रशिक्षित

सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में एम्स पटना ने सोमवार को ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के प्रबंधन पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम’ के 10वें और अंतिम चरण की शुरुआत की। यह छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 से 26 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
एम्स पटना के अस्पताल प्रशासन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार, झारखंड, सिक्किम, छत्तीसगढ़ और असम के जिला स्वास्थ्य अधिकारी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य जिला स्तर पर स्वास्थ्य अधिकारियों को आपदा, बीमारी के प्रकोप, बड़े हादसों और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के दौरान प्रभावी ढंग से तैयारी, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए आवश्यक जानकारी एवं कौशल प्रदान करना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन कॉलेज ऑफ नर्सिंग, एम्स पटना में हुआ। एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर डीन (अकादमिक्स) प्रो. (डॉ.) पूनम प्रसाद भदानी, डीन (रिसर्च) प्रो. (डॉ.) संजय पांडे, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) प्रशांत कुमार सिंह तथा डॉ. जे. एन. श्रीवास्तव, पेशेंट सेफ्टी एक्सपर्ट, जेसीआई एवं पूर्व सलाहकार, क्वालिटी एंड पेशेंट सेफ्टी, एनएचएसआरसी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. सुजीत कुमार सिन्हा, अतिरिक्त प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, अस्पताल प्रशासन विभाग, एम्स पटना द्वारा किया जा रहा है।
बाढ़, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से लेकर संक्रामक बीमारियों के प्रकोप, बड़े हादसों और सामूहिक दुर्घटनाओं तक, सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों में त्वरित और समन्वित कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे समय में जिला स्वास्थ्य प्रशासन की भूमिका सबसे अहम हो जाती है।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में आपात स्थिति की पूर्व तैयारी, आकस्मिक कार्ययोजना, जोखिम का आकलन, त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों का प्रबंधन, विभागों के बीच समन्वय, प्रभावी संचार, मरीजों की सुरक्षा, रोग निगरानी एवं प्रकोप नियंत्रण, अस्पतालों की तैयारी तथा आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों द्वारा लिए जा रहे सत्रों में प्रतिभागियों को व्याख्यान के साथ-साथ केस स्टडी, समूह चर्चा, व्यावहारिक अनुभव और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से आपात स्थितियों से निपटने की वास्तविक चुनौतियों को समझने का अवसर मिल रहा है। इसका उद्देश्य अधिकारियों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना है, जहां कम समय में सही निर्णय, बेहतर समन्वय और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करना आवश्यक होता है।
यह कार्यक्रम अस्पताल प्रशासन विभाग द्वारा आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की श्रृंखला का 10वां और अंतिम चरण है। इस चरण के पूरा होने के साथ ही इस पूरी प्रशिक्षण श्रृंखला के माध्यम से 300 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी प्रशिक्षित हो जाएंगे।
इस पहल के माध्यम से विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारियों को एक साझा मंच भी मिल रहा है जहां वे अपने मैदानी अनुभव, चुनौतियों और आपात स्थितियों से निपटने के प्रभावी तरीकों को साझा कर रहे हैं। इससे विभिन्न जिलों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय विकसित करने में मदद मिलेगी।
एम्स पटना का अस्पताल प्रशासन विभाग संस्थान की विशेषज्ञता और प्रशिक्षण अनुभव के माध्यम से जिला स्तर पर स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए बेहतर तैयारी, मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना है जो किसी भी आपात स्थिति में समय पर तैयार हो, तेजी से प्रतिक्रिया दे और संकट की स्थिति में मरीजों एवं समुदाय को सुरक्षित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा सके।
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