📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
राजनीति
चुनाव आयुक्तों ने पिछले दस महीनों में SIR पर उठाई आपत्तियां
✍️ India Today
🗓 24 सित. 2026, 12:47 PM
👁 16
चुनाव आयोग ने पिछले दस महीनों में SIR पर कई आपत्तियां दर्ज की हैं, जिनमें प्रक्रिया और तकनीकी मुद्दे उजागर किए गए हैं।
नई दिल्ली — पिछले दस महीनों में भारत के चुनाव आयोग ने SIR, एक चुनावी रिपोर्टिंग ढाँचा, से संबंधित कई आपत्तियां औपचारिक रूप से दर्ज की हैं। इन आपत्तियों में प्रक्रिया संबंधी खामियां और तकनीकी असंगतियां शामिल हैं, जिन्हें आयोग ने रिपोर्टिंग प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए महत्वपूर्ण बताया है।
अधिकारियों ने आपत्तियों की सटीक संख्या नहीं बताई, पर यह कहा कि प्रत्येक बिंदु का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। चिंताओं में डेटा सत्यापन विधियों से लेकर प्रस्तुतियों की समयसीमा तक के मुद्दे शामिल हैं, जो पारदर्शी चुनाव प्रबंधन के लिये आवश्यक हैं।
चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों की समीक्षा आगामी बैठकों में करने और आवश्यक सुधारात्मक कदमों के लिए नई दिशानिर्देश जारी करने का संकेत दिया है। अभी तक कोई तत्काल नीति परिवर्तन घोषित नहीं किया गया है, और आयोग ने सभी संबंधित पक्षों से सहयोग की अपील की है।
राज्य चुनाव अधिकारियों और तकनीकी साझेदारों को आयोग की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया है। इस समीक्षा के परिणाम भविष्य में चुनावी रिपोर्टिंग मानकों को आकार देंगे।
अधिकारियों ने आपत्तियों की सटीक संख्या नहीं बताई, पर यह कहा कि प्रत्येक बिंदु का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। चिंताओं में डेटा सत्यापन विधियों से लेकर प्रस्तुतियों की समयसीमा तक के मुद्दे शामिल हैं, जो पारदर्शी चुनाव प्रबंधन के लिये आवश्यक हैं।
चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों की समीक्षा आगामी बैठकों में करने और आवश्यक सुधारात्मक कदमों के लिए नई दिशानिर्देश जारी करने का संकेत दिया है। अभी तक कोई तत्काल नीति परिवर्तन घोषित नहीं किया गया है, और आयोग ने सभी संबंधित पक्षों से सहयोग की अपील की है।
राज्य चुनाव अधिकारियों और तकनीकी साझेदारों को आयोग की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया है। इस समीक्षा के परिणाम भविष्य में चुनावी रिपोर्टिंग मानकों को आकार देंगे।