📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / BSPRADEEP
धर्म
अमृतसर में खोए लुधियाना के बुजुर्ग श्रद्धालु को एआई की मदद से मिला गांव, अब पहुंचे गया, बिहार
✍️ Amar Ujala · Ludhiana
🗓 20 सित. 2026, 02:31 PM
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11 सितंबर को लुधियाना के बुजुर्ग श्रद्धालु अमृतसर के स्वर्ण मंदिर पर बिछड़ कर बिहार की ट्रेन में सवार हुए; एआई ने उनका गांव ढूँढ़ा और वे गया पहुँचे।
चमन लाल, लुधियाना के एक बुजुर्ग, 11 सितंबर को राज्य की तीर्थ‑यात्रा योजना के अंतर्गत स्वर्ण मंदिर, अमृतसर की यात्रा पर थे। मंदिर में भीड़ के बीच वे अपने साथियों से बिछड़ गए और तुरंत पास के रेलवे स्टेशन की ओर बढ़े।
स्टेशन पर उन्होंने बिहार जाने वाली ट्रेन का टिकट खरीदा और बिना किसी परेशानी के गया की ओर रवाना हुए। रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की कि वह गाया‑बाउंड ट्रेन में सवार थे।
स्थानीय स्वयंसेवकों ने सीमित जानकारी के आधार पर एआई‑सहायता वाले उपकरण से उनका गांव खोजा, जिससे बिहार में उनके रिश्तेदारों को तुरंत सूचना मिल सकी और आगमन पर स्वागत की व्यवस्था की गई।
यह घटना बड़े धार्मिक समारोहों में वरिष्ठ यात्रियों को सामना करने वाली कठिनाइयों और लापता व्यक्तियों को खोजने में तकनीक की बढ़ती भूमिका को उजागर करती है।
अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे भीड़ में एकजुट रहें और पहचान पत्र साथ रखें, विशेषकर स्वर्ण मंदिर जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों पर।
स्टेशन पर उन्होंने बिहार जाने वाली ट्रेन का टिकट खरीदा और बिना किसी परेशानी के गया की ओर रवाना हुए। रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की कि वह गाया‑बाउंड ट्रेन में सवार थे।
स्थानीय स्वयंसेवकों ने सीमित जानकारी के आधार पर एआई‑सहायता वाले उपकरण से उनका गांव खोजा, जिससे बिहार में उनके रिश्तेदारों को तुरंत सूचना मिल सकी और आगमन पर स्वागत की व्यवस्था की गई।
यह घटना बड़े धार्मिक समारोहों में वरिष्ठ यात्रियों को सामना करने वाली कठिनाइयों और लापता व्यक्तियों को खोजने में तकनीक की बढ़ती भूमिका को उजागर करती है।
अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे भीड़ में एकजुट रहें और पहचान पत्र साथ रखें, विशेषकर स्वर्ण मंदिर जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों पर।