अपराध
एलआईसी घोटाला: सीबीआई कोर्ट ने पूर्व सहायक को 10 साल की सजा सुनाई, 5 लाख का जुर्माना
दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने एलआईसी घोटाले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने तत्कालीन हाई ग्रेड असिस्टेंट पंकज सक्सेना को 10 साल के कठोर कारावास और 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दिल्ली की एक विशेष सीबीआई अदालत ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) से जुड़े एक बड़े घोटाले के मामले में अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने एलआईसी के तत्कालीन हाई ग्रेड असिस्टेंट पंकज सक्सेना को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला फर्जी पॉलिसीधारकों के नाम पर करीब 6.37 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा है। सीबीआई के अनुसार, आरोपी पंकज सक्सेना और अन्य ने मिलकर जाली भुगतान वाउचर और चेक तैयार किए थे। यह घोटाला फरवरी 2006 से अगस्त 2010 के बीच अंजाम दिया गया था।
कोर्ट ने इस मामले में तीन अन्य निजी आरोपियों प्रेम शंकर, रेखा उपाध्याय और मनीष सक्सेना को भी दोषी ठहराया है। इन तीनों को 3-3 साल की कैद और प्रत्येक पर 1.25-1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सीबीआई ने इस मामले में 13 अगस्त 2012 को केस दर्ज किया था और 21 अगस्त 2014 को चार्जशीट दाखिल की थी।
यह मामला फर्जी पॉलिसीधारकों के नाम पर करीब 6.37 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा है। सीबीआई के अनुसार, आरोपी पंकज सक्सेना और अन्य ने मिलकर जाली भुगतान वाउचर और चेक तैयार किए थे। यह घोटाला फरवरी 2006 से अगस्त 2010 के बीच अंजाम दिया गया था।
कोर्ट ने इस मामले में तीन अन्य निजी आरोपियों प्रेम शंकर, रेखा उपाध्याय और मनीष सक्सेना को भी दोषी ठहराया है। इन तीनों को 3-3 साल की कैद और प्रत्येक पर 1.25-1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सीबीआई ने इस मामले में 13 अगस्त 2012 को केस दर्ज किया था और 21 अगस्त 2014 को चार्जशीट दाखिल की थी।