एक पेड़ मां के नाम 3.0 राष्ट्रव्यापी अभियान
कच्छ जिले के दो दिवसीय प्रवास के दौरान मुंद्रा तहसील के विराणीया गांव में ग्रामवासियों के साथ स्वच्छता अभियान में श्रमदान किया तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी जी के एक पेड़ मां के नाम 3.0 राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत मियावाकी पद्धति से विकसित हो रहे वन कवच में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के "स्वच्छता में ही ईश्वर का वास है" के विचार को रेखांकित करते हुए स्वयं झाड़ू उठाकर गांव के वथाण चौक पर सफाई की। ग्रामवासियों को आह्वान किया कि गांव स्वच्छ रहेगा तो मन और शरीर दोनों स्वस्थ रहेंगे। इस अवसर पर गांव के स्वच्छता कर्मियों का सम्मान कर उनके योगदान की सराहना की।
क्रीड़ा एवं क्लाइमेट कैनोपी फाउंडेशन तथा सामाजिक वानिकी विभाग के सहयोग से विराणीया में 1.47 एकड़ क्षेत्र में 3,000 नीम, पीपल, बरगद, गुलमोहर आदि स्वदेशी पौधों का रोपण कर सघन ऑक्सीजन पार्क विकसित किया जा रहा है।
वृक्ष धरती के आभूषण हैं। शास्त्रों में वृक्षों को देवता तुल्य माना गया है। ग्रामवासियों से अनुरोध किया कि बच्चों के जन्मदिन और विवाह वर्षगांठ जैसे शुभ अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसका संतान की भांति पोषण करें।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के "स्वच्छता में ही ईश्वर का वास है" के विचार को रेखांकित करते हुए स्वयं झाड़ू उठाकर गांव के वथाण चौक पर सफाई की। ग्रामवासियों को आह्वान किया कि गांव स्वच्छ रहेगा तो मन और शरीर दोनों स्वस्थ रहेंगे। इस अवसर पर गांव के स्वच्छता कर्मियों का सम्मान कर उनके योगदान की सराहना की।
क्रीड़ा एवं क्लाइमेट कैनोपी फाउंडेशन तथा सामाजिक वानिकी विभाग के सहयोग से विराणीया में 1.47 एकड़ क्षेत्र में 3,000 नीम, पीपल, बरगद, गुलमोहर आदि स्वदेशी पौधों का रोपण कर सघन ऑक्सीजन पार्क विकसित किया जा रहा है।
वृक्ष धरती के आभूषण हैं। शास्त्रों में वृक्षों को देवता तुल्य माना गया है। ग्रामवासियों से अनुरोध किया कि बच्चों के जन्मदिन और विवाह वर्षगांठ जैसे शुभ अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसका संतान की भांति पोषण करें।