📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / শরদিন্দু ভট্টাচার্য্য
अपराध
ईडी ने गोवा साइबर धोखाधड़ी की रकम को विदेशी मुद्रा में बदलते हुए पाया
✍️ The Times of India
🗓 31 अग. 2026, 05:39 AM
👁 27
एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट ने पाया कि गोवा में हुई साइबर धोखाधड़ी की रकम को विदेशी मुद्रा में बदला गया, जिससे धन शोधन का संकेत मिलता है।
एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने पुष्टि की है कि गोवा में हुई एक साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धन को बाद में विदेशी मुद्रा में बदला गया। जांचकर्ताओं ने अवैध धन के प्रवाह को ट्रेस किया और पाया कि इसे कई चैनलों के माध्यम से बदलकर स्रोत को छुपाया गया, जिससे धन शोधन का संकेत मिलता है।
ईडी के अनुसार, इस परिवर्तन में ऑफशोर खातों और विदेशी मुद्रा प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग किया गया, जिससे चोरी की गई राशि भारत की सीमाओं से बाहर ले जाई गई। अब एजेंसी लाभार्थियों और उन संस्थाओं की पहचान करने पर काम कर रही है जिन्होंने विदेशी मुद्रा लेन‑देन को सुविधाजनक बनाया।
प्राधिकरणों ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है ताकि अपराधियों के खिलाफ सबूत इकट्ठा कर सकें और शोधन किए गए संपत्तियों को बरामद किया जा सके। यह मामला साइबर‑सक्षम वित्तीय अपराधों से निपटने की बढ़ती चुनौती को उजागर करता है, जो अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणालियों का दुरुपयोग करते हैं।
ईडी ने वित्तीय संस्थानों और विदेशी मुद्रा डीलरों से सतर्क रहने और ऐसे संदेहास्पद लेन‑देन की रिपोर्ट करने का आग्रह किया है जो समान धोखाधड़ी से जुड़े हो सकते हैं। यह केस वित्तीय नियामकों और साइबर‑क्राइम इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
जांच के आगे बढ़ने के साथ ही अधिक विवरण और शामिल व्यक्तियों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
ईडी के अनुसार, इस परिवर्तन में ऑफशोर खातों और विदेशी मुद्रा प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग किया गया, जिससे चोरी की गई राशि भारत की सीमाओं से बाहर ले जाई गई। अब एजेंसी लाभार्थियों और उन संस्थाओं की पहचान करने पर काम कर रही है जिन्होंने विदेशी मुद्रा लेन‑देन को सुविधाजनक बनाया।
प्राधिकरणों ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है ताकि अपराधियों के खिलाफ सबूत इकट्ठा कर सकें और शोधन किए गए संपत्तियों को बरामद किया जा सके। यह मामला साइबर‑सक्षम वित्तीय अपराधों से निपटने की बढ़ती चुनौती को उजागर करता है, जो अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणालियों का दुरुपयोग करते हैं।
ईडी ने वित्तीय संस्थानों और विदेशी मुद्रा डीलरों से सतर्क रहने और ऐसे संदेहास्पद लेन‑देन की रिपोर्ट करने का आग्रह किया है जो समान धोखाधड़ी से जुड़े हो सकते हैं। यह केस वित्तीय नियामकों और साइबर‑क्राइम इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
जांच के आगे बढ़ने के साथ ही अधिक विवरण और शामिल व्यक्तियों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।