📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / শরদিন্দু ভট্টাচার্য্য
अपराध
ईडी ने भोपाल‑मुंबई में सागा ग्रुप के पोंजी घोटाले में 37 करोड़ की संपत्ति जब्त की
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 19 अग. 2026, 09:47 AM
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ईडी ने भोपाल और मुंबई में सागा ग्रुप के ठिकानों पर छापे मारकर लगभग 37 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की और अन्य संबंधित संपत्तियों को फ्रीज किया।
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने मध्य प्रदेश के भोपाल और महाराष्ट्र के मुंबई में सागा ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापे मारकर लगभग 37 करोड़ रुपये की नकद, गहने और अन्य मूल्यवान वस्तुएँ जब्त कीं। यह कार्रवाई समूह द्वारा चलाए जाने वाले बड़े पैमाने के पोंजी घोटाले की जांच के हिस्से के रूप में की गई।
जबरन जब्ती के साथ ही ईडी ने समूह के प्रमुखों से जुड़ी अतिरिक्त संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है, ताकि धन का आगे का निकासी रोकी जा सके। अब इन वस्तुओं की जांच चल रही है और उन्हें घोटाले से जुड़े सबूतों के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
अधिकारीयों ने अभी तक गिरफ्तार व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, पर उन्होंने बताया कि यह कदम देश भर में निवेशकों को प्रभावित करने वाले वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। जांच जारी है और आगे की जानकारी मिलने पर अपडेट दिया जाएगा।
यह छापे ईडी के बड़े पोंजी स्कीमों को कड़ी कार्रवाई करने के संकल्प को दर्शाते हैं, जिनके बारे में विभिन्न राज्यों के निवेशकों ने शिकायतें दर्ज करवाई थीं। एजेंसी ने पीड़ितों से सहयोग करने और संबंधित दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का आग्रह किया है।
सागा ग्रुप, जो पहले निवेश के वादों के लिए जाना जाता था, अब कड़ी जांच का सामना कर रहा है, जिससे प्रभावित निवेशकों के नुकसान की भरपाई और आरोपियों को दण्डित करने की दिशा में कदम बढ़ेंगे।
जबरन जब्ती के साथ ही ईडी ने समूह के प्रमुखों से जुड़ी अतिरिक्त संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है, ताकि धन का आगे का निकासी रोकी जा सके। अब इन वस्तुओं की जांच चल रही है और उन्हें घोटाले से जुड़े सबूतों के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
अधिकारीयों ने अभी तक गिरफ्तार व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, पर उन्होंने बताया कि यह कदम देश भर में निवेशकों को प्रभावित करने वाले वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। जांच जारी है और आगे की जानकारी मिलने पर अपडेट दिया जाएगा।
यह छापे ईडी के बड़े पोंजी स्कीमों को कड़ी कार्रवाई करने के संकल्प को दर्शाते हैं, जिनके बारे में विभिन्न राज्यों के निवेशकों ने शिकायतें दर्ज करवाई थीं। एजेंसी ने पीड़ितों से सहयोग करने और संबंधित दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का आग्रह किया है।
सागा ग्रुप, जो पहले निवेश के वादों के लिए जाना जाता था, अब कड़ी जांच का सामना कर रहा है, जिससे प्रभावित निवेशकों के नुकसान की भरपाई और आरोपियों को दण्डित करने की दिशा में कदम बढ़ेंगे।