📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
अपराध
ट्रांसपेरेंसी के लिए ईडी ने तेलंगाना HC से जगन के मनी लॉन्ड्रिंग केस में डेली‑टू‑डेली ट्रायल की मांग
✍️ India Today
🗓 10 अक्टू. 2026, 09:32 PM
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एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट ने तेलंगाना हाई कोर्ट से यशवंत सिंह जगन मोहन रेड्डी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में डेली‑टू‑डेली ट्रायल की अनुमति देने की याचिका दायर की है।
एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने तेलंगाना हाई कोर्ट में यशवंत सिंह जगन मोहन रेड्डी से जुड़े मनी‑लॉन्ड्रिंग मामले में डेली‑टू‑डेली ट्रायल की अनुमति हेतु याचिका दायर की है। एजेंसी का कहना है कि निरंतर दैनिक सुनवाई से प्रक्रिया में अनावश्यक देरी रोकी जा सकेगी और मुकदमा तेज़ी से आगे बढ़ेगा।
कोर्ट के दस्तावेज़ों में बताया गया है कि ईडी ने आरोपित वित्तीय अनियमितताओं के पैमाने को रेखांकित किया है, जिसमें बड़ी रकम को कंपनियों और शैल शैलियों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया था। यह अनुरोध पहले से निर्धारित आरोपों को बदलता नहीं है, बल्कि मुकदमे की गति बढ़ाने के उद्देश्य से है।
अब तक तेलंगाना हाई कोर्ट ने इस याचिका पर कोई निर्णय नहीं दिया है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, डेली‑टू‑डेली ट्रायल का आदेश देना असामान्य है और आमतौर पर उन मामलों में दिया जाता है जहाँ जांच एजेंसी को साक्ष्य या गवाहों की उपलब्धता में देरी का डर हो।
यदि मंजूर हो जाता है, तो मुकदमा रोज़ाना सुनवाई के साथ आगे बढ़ेगा, जिससे कई महीनों या वर्षों तक चलने वाले सामान्य प्रक्रिया को संक्षिप्त किया जा सकेगा। यह निर्णय राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र में रहेगा, क्योंकि आरोपी एक प्रमुख राजनेता हैं।
ईडी ने मामले को कानून के दायरे में सख्ती से आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, यह स्पष्ट करते हुए कि यह अनुरोध केवल प्रक्रिया संबंधी है, न कि आरोपों की वैधता पर टिप्पणी।
कोर्ट के दस्तावेज़ों में बताया गया है कि ईडी ने आरोपित वित्तीय अनियमितताओं के पैमाने को रेखांकित किया है, जिसमें बड़ी रकम को कंपनियों और शैल शैलियों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया था। यह अनुरोध पहले से निर्धारित आरोपों को बदलता नहीं है, बल्कि मुकदमे की गति बढ़ाने के उद्देश्य से है।
अब तक तेलंगाना हाई कोर्ट ने इस याचिका पर कोई निर्णय नहीं दिया है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, डेली‑टू‑डेली ट्रायल का आदेश देना असामान्य है और आमतौर पर उन मामलों में दिया जाता है जहाँ जांच एजेंसी को साक्ष्य या गवाहों की उपलब्धता में देरी का डर हो।
यदि मंजूर हो जाता है, तो मुकदमा रोज़ाना सुनवाई के साथ आगे बढ़ेगा, जिससे कई महीनों या वर्षों तक चलने वाले सामान्य प्रक्रिया को संक्षिप्त किया जा सकेगा। यह निर्णय राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र में रहेगा, क्योंकि आरोपी एक प्रमुख राजनेता हैं।
ईडी ने मामले को कानून के दायरे में सख्ती से आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, यह स्पष्ट करते हुए कि यह अनुरोध केवल प्रक्रिया संबंधी है, न कि आरोपों की वैधता पर टिप्पणी।