📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / শরদিন্দু ভট্টাচার্য্য
अपराध
सीजीपीएससी पेपर लीकेज और ₹31 करोड़ कमीशन जाल में ईडी ने दो लोगों को गिरफ्तार किया
✍️ India CSR
🗓 07 सित. 2026, 08:39 AM
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ईडी ने छत्तीसगढ़ में सीजीपीएससी और जिला मजिस्ट्रेट फोरम की जांच में दो लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें ₹3 करोड़ के पेपर लीकेज और ₹31 करोड़ के कमीशन जाल का आरोप है।
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है, जो छत्तीसगढ़ सार्वजनिक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) और एक जिला मजिस्ट्रेट फोरम (डीएमएफ) की जांच के हिस्से के रूप में गिरफ्तार किए गए हैं। यह कार्रवाई भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी संभावित भ्रष्टाचार को रोकने के उद्देश्य से की गई है।
ईडी के अनुसार, इन दो व्यक्तियों ने लगभग ₹3 करोड़ मूल्य के पेपर‑लीकेज स्कीम में भाग लिया, जिससे सीजीपीएससी परीक्षा की पारदर्शिता प्रभावित हुई। साथ ही, जांच में यह भी उजागर हुआ है कि वे एक कमीशन नेटवर्क का हिस्सा थे, जिससे लगभग ₹31 करोड़ की अवैध आय हुई।
हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान या जांच के विस्तृत चरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। ईडी ने बताया कि जांच अभी जारी है और आगे के कदमों की जानकारी जल्द ही दी जाएगी।
प्राधिकरणों ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की हेरफेर या कमीशन प्राप्ति को कड़ी सज़ा दी जाएगी, और इस मामले में लागू एंटी‑करप्शन कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हिरासत के बाद संभावित अन्य जुड़े व्यक्तियों की भी जांच की संभावना है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
ईडी के अनुसार, इन दो व्यक्तियों ने लगभग ₹3 करोड़ मूल्य के पेपर‑लीकेज स्कीम में भाग लिया, जिससे सीजीपीएससी परीक्षा की पारदर्शिता प्रभावित हुई। साथ ही, जांच में यह भी उजागर हुआ है कि वे एक कमीशन नेटवर्क का हिस्सा थे, जिससे लगभग ₹31 करोड़ की अवैध आय हुई।
हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान या जांच के विस्तृत चरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। ईडी ने बताया कि जांच अभी जारी है और आगे के कदमों की जानकारी जल्द ही दी जाएगी।
प्राधिकरणों ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की हेरफेर या कमीशन प्राप्ति को कड़ी सज़ा दी जाएगी, और इस मामले में लागू एंटी‑करप्शन कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हिरासत के बाद संभावित अन्य जुड़े व्यक्तियों की भी जांच की संभावना है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।