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09 नव. 2026•
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अर्थशास्त्री शमीका रवि ने बताया क्यों भारत में सरकारी नौकरियों का आकर्षण बना है
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Assignmentfreelance
नौकरी

अर्थशास्त्री शमीका रवि ने बताया क्यों भारत में सरकारी नौकरियों का आकर्षण बना है

✍️ Business Today 🗓 09 नव. 2026, 01:46 AM 👁 16
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अर्थशास्त्री शमीका रवि ने भारत में सरकारी नौकरियों के प्रति आकर्षण को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कारणों से जोड़ते हुए इसे सामंती सोच की विरासत बताया।

बिजनेस टुडे के एक साक्षात्कार में अर्थशास्त्री शमीका रवि ने भारत में "सरकारी" नौकरियों के प्रति गहरी रुचि का विश्लेषण किया। उन्होंने इस प्रवृत्ति को भारत के सामंती अतीत से जोड़ा, जहाँ ज़मींदार अपने आश्रितों को रोजगार और प्रतिष्ठा देते थे, जिससे एक स्थायी संरचना बनी।
रवि ने बताया कि नौकरी की सुरक्षा, नियमित वेतन और सामाजिक सम्मान का वादा निजी क्षेत्र के जोखिमों से अधिक आकर्षक लगता है, विशेषकर मध्य‑वर्गीय परिवारों के लिए जो अपने बच्चों के भविष्य को स्थिर चाहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि गुणवत्तापूर्ण निजी‑सेक्टर अवसरों की सीमित वृद्धि और पेंशन लाभों का आकर्षण सार्वजनिक‑सेक्टर पदों की प्राथमिकता को और मजबूत करता है, जिससे यह आकर्षण परम्परा और आधुनिक आर्थिक असुरक्षा का मिश्रण बन जाता है।
अर्थशास्त्री ने चेतावनी दी कि सरकारी नौकरियों पर अत्यधिक निर्भरता उद्यमिता को दबा सकती है और व्यापक आर्थिक विविधीकरण को रोक सकती है, इसलिए नीति निर्माताओं को कौशल‑विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देना चाहिए और निजी‑सेक्टर को आकर्षक बनाना चाहिए।
उनका विश्लेषण दर्शाता है कि "सरकारी नौकरी" का जुनून केवल एक करियर विकल्प नहीं, बल्कि भारत की ऐतिहासिक सामाजिक संरचनाओं से जुड़ी सांस्कृतिक विरासत है।
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