📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ruupinder
अपराध
खरड़ के भगत माजरा में 7.70 एकड़ जमीन पर फर्जी दावे के लिए आर्थिक अपराध शाखा ने FIR दर्ज की
✍️ Amar Ujala · Mohali
🗓 12 अक्टू. 2026, 09:16 AM
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पंजाब की आर्थिक अपराध शाखा ने खरड़ के भगत माजरा गांव में 7.70 एकड़ जमीन पर फर्जी दावा और दस्तावेज़ हेरफेर का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की।
पंजाब की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मंगलवार को खरड़ के भगत माजरा गांव में स्थित 7.70 एकड़ जमीन पर किए गए कथित फर्जी दावे के संबंध में एफआईआर दर्ज किया। शिकायत में बताया गया है कि दावे करने वाले ने जमीन के दस्तावेज़ों में हेरफेर करके झूठा शीर्षक तैयार किया।
शिकायत के अनुसार, संदिग्ध ने स्वामित्व के कागजात बदलकर स्थानीय अधिकारियों को प्रस्तुत किए, जिससे वह अवैध रूप से उस भूखंड पर अधिकार स्थापित कर सके। आर्थिक अपराध शाखा ने इन दस्तावेज़ों को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया है ताकि हेरफेर की सीमा का पता लगाया जा सके।
अब तक जांचकर्ताओं ने आरोपी का नाम या कोई गिरफ्तारी नहीं बताई है। मामला भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 467 (दस्तावेज़ी क़ानून) के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।
पंजाब में भूमि विवाद आम हैं, जहाँ कृषि और विकास के दबाव से स्वामित्व के मुद्दे अक्सर उठते हैं। इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा की कार्रवाई रियल एस्टेट धोखाधड़ी को रोकने के लिए उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
शिकायत के अनुसार, संदिग्ध ने स्वामित्व के कागजात बदलकर स्थानीय अधिकारियों को प्रस्तुत किए, जिससे वह अवैध रूप से उस भूखंड पर अधिकार स्थापित कर सके। आर्थिक अपराध शाखा ने इन दस्तावेज़ों को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया है ताकि हेरफेर की सीमा का पता लगाया जा सके।
अब तक जांचकर्ताओं ने आरोपी का नाम या कोई गिरफ्तारी नहीं बताई है। मामला भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 467 (दस्तावेज़ी क़ानून) के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।
पंजाब में भूमि विवाद आम हैं, जहाँ कृषि और विकास के दबाव से स्वामित्व के मुद्दे अक्सर उठते हैं। इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा की कार्रवाई रियल एस्टेट धोखाधड़ी को रोकने के लिए उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।