📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Plentyhabib19
धर्म
धुबरी में बांस, बांसुरी और गमोचा से बनी इको‑फ्रेंडली दुर्गा पूजा पंडाल
✍️ India Today NE
🗓 19 अक्टू. 2026, 02:37 AM
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असम के धुबरी में बांस, बांसुरी और गमोचा से बनी दुर्गा पूजा पंडाल ने पर्यावरण‑मित्रता को प्रमुखता दी है।
धुबरी, असम में इस वर्ष मनाए जा रहे दुर्गा पूजा के पंडाल को पूरी तरह से प्राकृतिक सामग्री से तैयार किया गया है। आयोजकों ने बांस, बांसुरी और स्थानीय रूप से उपलब्ध गमोचा – पारंपरिक जल‑धारण करने वाले बर्तन – को उपयोग करके एक ऐसा ढांचा तैयार किया है जो पर्यावरणीय चिंताओं के साथ तालमेल रखता है।
बांस और बांसुरी के उपयोग से प्लास्टिक और अन्य अपघटनीय सजावट पर निर्भरता घटती है, जबकि गमोचा क्षेत्रीय शिल्प कौशल का प्रतीक बनते हुए सांस्कृतिक रंग जोड़ते हैं। यह डिजाइन दर्शाता है कि त्यौहार की सजावट भी आकर्षक और टिकाऊ हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों और आगंतुकों ने इस पहल की सराहना की है, यह कहा कि पंडाल न केवल देवी की पूजा करता है बल्कि पूरे राज्य में हरित उत्सवों के लिए एक उदाहरण स्थापित करता है। अधिकारियों की आशा है कि यह मॉडल अन्य त्यौहारों में भी समान पर्यावरण‑मित्र परियोजनाओं को प्रेरित करेगा।
बांस और बांसुरी के उपयोग से प्लास्टिक और अन्य अपघटनीय सजावट पर निर्भरता घटती है, जबकि गमोचा क्षेत्रीय शिल्प कौशल का प्रतीक बनते हुए सांस्कृतिक रंग जोड़ते हैं। यह डिजाइन दर्शाता है कि त्यौहार की सजावट भी आकर्षक और टिकाऊ हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों और आगंतुकों ने इस पहल की सराहना की है, यह कहा कि पंडाल न केवल देवी की पूजा करता है बल्कि पूरे राज्य में हरित उत्सवों के लिए एक उदाहरण स्थापित करता है। अधिकारियों की आशा है कि यह मॉडल अन्य त्यौहारों में भी समान पर्यावरण‑मित्र परियोजनाओं को प्रेरित करेगा।