📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wurlover
मनोरंजन
डीएसपी की येल्लम्मा ने एक साथ 100 लोक कलाकारों की रिकॉर्डिंग की
✍️ Tupaki English
🗓 31 अक्टू. 2026, 09:58 AM
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डीएसपी के येल्लम्मा सांस्कृतिक पहल ने एक ही सत्र में सौ लोक कलाकारों की रिकॉर्डिंग कर पारम्परिक संगीत संरक्षण में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया।
डीएसपी के येल्लम्मा प्रोजेक्ट ने एक ही रिकॉर्डिंग सत्र में सौ लोक कलाकारों को एकत्रित किया, जिससे पारम्परिक कलाकारों की एक अभूतपूर्व सभा बनी। यह पहल भारत की विविध लोक धरोहर को दस्तावेज़ीकरण और प्रचार के उद्देश्य से चलायी जा रही है।
इतने बड़े पैमाने पर एक साथ रिकॉर्डिंग करना पारम्परिक संगीत के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आधुनिक समय में खोते हुए मौखिक परम्पराओं को बचाने में मदद करेगा। इस सत्र में विभिन्न क्षेत्रों की शैलियों को एक साथ कैद करके भविष्य के शोधकर्ताओं, शिक्षकों और जनसमुदाय के लिए एक मूल्यवान अभिलेख तैयार किया गया है।
येल्लम्मा परियोजना के आयोजकों ने कहा कि यह मील का पत्थर लोक संगीतकारों के बीच बढ़ती सहयोग भावना और कला के संरक्षण की इच्छा को दर्शाता है। उन्होंने आगे बताया कि इन रिकॉर्डिंग्स को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध कराकर देशभर में अधिक लोगों तक पहुँचाने की योजना है।
इतने बड़े पैमाने पर एक साथ रिकॉर्डिंग करना पारम्परिक संगीत के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आधुनिक समय में खोते हुए मौखिक परम्पराओं को बचाने में मदद करेगा। इस सत्र में विभिन्न क्षेत्रों की शैलियों को एक साथ कैद करके भविष्य के शोधकर्ताओं, शिक्षकों और जनसमुदाय के लिए एक मूल्यवान अभिलेख तैयार किया गया है।
येल्लम्मा परियोजना के आयोजकों ने कहा कि यह मील का पत्थर लोक संगीतकारों के बीच बढ़ती सहयोग भावना और कला के संरक्षण की इच्छा को दर्शाता है। उन्होंने आगे बताया कि इन रिकॉर्डिंग्स को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध कराकर देशभर में अधिक लोगों तक पहुँचाने की योजना है।